कनाडा में अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ बड़ा अभियान, पुलिस और CBSA की संयुक्त कार्रवाई
- अंतरराष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
कनाडा में अवैध रूप से रह रहे लोगों और आपराधिक गतिविधियों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी गई है। कनाडाई पुलिस और सीमा सुरक्षा एजेंसी (CBSA) ने ऐसे लोगों को उनके मूल देशों में वापस भेजने की प्रक्रिया में तेजी लाई है। पिछले एक महीने से देश के विभिन्न हवाई अड्डों से प्रतिदिन 10 से 15 लोगों को डिपोर्ट किया जाना सामान्य प्रक्रिया बन गई है। जानकारी के अनुसार, पुलिस के पास सीधे तौर पर किसी व्यक्ति को डिपोर्ट करने का अधिकार नहीं होने के कारण अब अपराध के मामलों में पकड़े गए लोगों को देश से बाहर भेजने के लिए सीमा सुरक्षा एजेंसी का सहयोग पहले की तुलना में कई गुना अधिक लिया जा रहा है। आव्रजन विभाग द्वारा पिछले कुछ महीनों में एजेंसी के कर्मचारियों की संख्या में करीब ढाई हजार की बढ़ोतरी किए जाने के बाद इस कार्रवाई में तेजी आई है। फिरौती, गोलीबारी और अन्य हिंसक अपराधों में आरोपित लोगों की गिरफ्तारियों में भी उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। अब ऐसे मामलों में आरोपियों की पहली अदालत पेशी के दौरान ही CBSA का सहयोग लिया जा रहा है, ताकि न्यायाधीश से डिपोर्टेशन संबंधी आवश्यक अनुमति प्रारंभिक चरण में ही प्राप्त की जा सके। पिछले कुछ सप्ताहों से ब्रिटिश कोलंबिया में स्थानीय और संघीय पुलिस द्वारा फिरौती, गोलीबारी और अन्य हिंसक अपराधों से जुड़े मामलों में लगातार गिरफ्तारियां की जा रही हैं। इन मामलों में कार्रवाई के साथ-साथ सीमा सुरक्षा एजेंसी के साथ भी तत्काल समन्वय स्थापित किया जा रहा है। कनाडा से भारत के लिए सीधी उड़ानों में यात्रियों की संख्या भी बढ़ी है। टिकट बुकिंग से जुड़े एक एजेंट के अनुसार, पिछले वर्षों में इस अवधि के दौरान विमानों में लगभग एक-तिहाई सीटें खाली रहती थीं, लेकिन अब बहुत कम उड़ानें खाली सीटों के साथ रवाना हो रही हैं। पुलिस के उपलब्ध विवरण बताते हैं कि अब केवल गंभीर अपराधों के आरोपियों ही नहीं, बल्कि कम गंभीर आरोपों का सामना कर रहे लोगों को भी उनके देशों में वापस भेजा जा रहा है। सरे पुलिस द्वारा जारी ताजा सूचना के अनुसार, एक घर पर गोलीबारी करने के आरोप में गिरफ्तार 21 वर्षीय अमन सिंह और 22 वर्षीय सिमरजीत सिंह को 29 जून को अदालत में पेश किया जाएगा। इस मामले में भी सीमा सुरक्षा एजेंसी को शामिल किया गया है। इससे पहले जिन मामलों में सीमा सुरक्षा एजेंसी को शामिल किया गया था, उनमें संबंधित सभी लोगों को डिपोर्ट किया जा चुका है। वहीं, 15 जुलाई से जमानत संबंधी कड़े कानून भी लागू होने जा रहे हैं। हालांकि सरकार द्वारा शुरू की गई इस सख्ती से आम लोगों को वास्तविक राहत मिलेगी या यह केवल औपचारिक कार्रवाई बनकर रह जाएगी, इसका स्पष्ट जवाब आने वाला समय ही देगा।
Leave a Reply