पेपर लीक विवाद के बाद शिक्षकों की बड़ी जीत: शिक्षा विभाग ने छठे व सातवें वेतनमान के एरियर भुगतान के दिए निर्देश
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
सुप्रीम कोर्ट द्वारा 21 अप्रैल 2026 को जारी निर्देशों का पालन करते हुए चंडीगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग के 862 शिक्षकों को छठे और सातवें वेतन आयोग (Pay Scale) का एरियर दिया जाएगा। इस संबंध में बुधवार को स्कूल शिक्षा विभाग के निदेशक नीतीश सिंगला ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिए हैं। शिक्षा विभाग के निदेशक द्वारा जारी निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि कार्यरत शिक्षकों को 1 जनवरी 2016 से छठे वेतन आयोग के अनुसार एरियर का भुगतान किया जाएगा, जबकि 1 अप्रैल 2022 से सातवें वेतन आयोग का लाभ मिलेगा। 2015 की भर्ती और कानूनी विवाद की पूरी पृष्ठभूमि उल्लेखनीय है कि स्कूल शिक्षा विभाग ने अगस्त 2015 में एनटीटी (NTT), जेबीटी (JBT) और टीजीटी (TGT) शिक्षकों के कुल 1,149 पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू की थी। भर्ती संपन्न होने के बाद मई 2017 में पेपर लीक होने की जानकारी सामने आई, जिसके बाद प्रशासन ने पूरी भर्ती को रद्द कर दिया था। प्रशासन के इस फैसले के खिलाफ प्रभावित शिक्षकों ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) में याचिका दायर की, जहां अधिकरण ने भर्ती रद्द करने के आदेश पर रोक (Stay) लगा दी। इस स्टे के खिलाफ शिक्षा विभाग पहले पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय और अंततः सुप्रीम कोर्ट पहुंचा। सुप्रीम कोर्ट का निर्णय और वर्तमान स्थिति सुप्रीम कोर्ट ने 21 अप्रैल को सुनवाई करते हुए कहा कि पेपर लीक मामले में कोई ठोस सबूत या गवाह पेश नहीं किए जा सके, जिसके चलते अदालत ने भर्ती को बहाल रखने का निर्देश दिया। पुलिस जांच के दौरान पेपर लीक मामले में पहले 3 और बाद में 49 लोगों के नाम सामने आए थे, जिन्हें कैट, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट ने बहाल करने से इनकार कर दिया था। इस लंबी कानूनी प्रक्रिया के दौरान कई शिक्षक अन्य राज्यों में नौकरियों में चले गए या विदेश में बस गए, जिससे कई पद रिक्त हो गए। वर्तमान में स्कूल शिक्षा विभाग में 862 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जिन्हें अब विभाग द्वारा छठे और सातवें वेतन आयोग के एरियर का लाभ देने की घोषणा की गई है।
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