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पहली बार पूरी तरह डिजिटल होगी देश की जनगणना, मोबाइल ऐप से डेटा संग्रह

01 Apr, 2026 09:53 AM

जनगणना 2027 का पहला चरण आज से शुरू हो गया है, जो 30 सितंबर 2026 तक जारी रहेगा। इस चरण में ‘हाउस लिस्टिंग’ यानी घरों की गणना की जाएगी। जनगणना का दूसरा चरण, जिसे ‘जनसंख्या गणना’ कहा जाता है, फरवरी 2027 में आयोजित होगा। दूसरे चरण में नागरिकों से उनकी जाति से संबंधित जानकारी भी ली जाएगी। आज़ादी के बाद यह पहली बार होगा जब जातीय डेटा एकत्र किया जाएगा। इससे पहले ऐसी गणना वर्ष 1931 में की गई थी। इस बार देश में पहली बार जनगणना पूरी तरह डिजिटल तरीके से की जाएगी। सरकारी कर्मचारी मोबाइल ऐप के माध्यम से सीधे स्मार्टफोन पर डेटा एकत्र करेंगे। पहले यह प्रक्रिया कागज़ पर होती थी, जिसके बाद उसे डिजिटल रूप में बदला जाता था, जिससे अधिक समय लगता था। जनगणना प्रक्रिया को हाई-टेक बनाया गया है। घरों की गणना के दौरान भू-संदर्भ तकनीक (जियो-टैगिंग) का उपयोग किया जाएगा, जिससे हर घर की स्थिति डिजिटल मानचित्र पर दर्ज की जा सकेगी। इससे यह सुनिश्चित होगा कि कोई घर छूटे नहीं और किसी की दोबारा गणना न हो। साथ ही, लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है कि यदि सर्वेक्षण के दौरान कर्मचारी आय, बैंक बैलेंस, आधार, पैन या किसी अन्य दस्तावेज़ की मांग करें या बैंक संबंधी जानकारी और OTP पूछें, तो ऐसी जानकारी साझा न करें। इस जनगणना में पहली बार ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी दी गई है। नागरिक एक वेब पोर्टल के माध्यम से सर्वेक्षण से 15 दिन पहले अपनी जानकारी स्वयं दर्ज कर सकते हैं। यह पोर्टल 16 भाषाओं में उपलब्ध है। हालांकि, यह सुविधा पूरी तरह वैकल्पिक है। जो लोग स्व-गणना नहीं करना चाहते, वे पारंपरिक तरीके से सरकारी कर्मचारियों को जानकारी दे सकते हैं। जिन लोगों ने ऑनलाइन जानकारी दर्ज की होगी, उनके घरों पर भी सत्यापन के लिए कर्मचारी जाएंगे। जनगणना के तहत कुछ विशेष दिशानिर्देश भी तय किए गए हैं। लंबे समय से साथ रह रहे लिव-इन संबंधों को ‘विवाहित जोड़े’ के रूप में माना जाएगा। मोबाइल फोन में उपलब्ध एफएम रेडियो को ‘रेडियो’ माना जाएगा, जबकि मोबाइल पर यूट्यूब देखने को ‘टीवी’ नहीं माना जाएगा। ट्रैक्टर को कार/जीप श्रेणी में शामिल नहीं किया जाएगा और ई-रिक्शा या ऑटोमोबाइल को कार या बाइक नहीं माना जाएगा। पानी की व्यवस्था के संदर्भ में, यदि घर में नल है लेकिन उपयोग के लिए बोतलबंद पानी लिया जाता है, तो उसे ‘बोतलबंद पानी’ के रूप में दर्ज किया जाएगा। वहीं, रसोई को तभी अलग इकाई माना जाएगा जब वह रहने वाले हिस्से से अलग हो।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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