परविंदर सिंह झोटा मामला: संघर्ष को बड़ा रूप देने के लिए मानसा एक्शन कमेटी विभिन्न संगठनों को भेजेगी पत्र
परविंदर सिंह झोटा को न्याय दिलाने और पंजाब में नशे के खिलाफ चल रहे आंदोलन को और मजबूत व व्यापक बनाने के लिए 'एक्शन कमेटी मानसा' ने बड़ा फैसला लिया है। कमेटी की ओर से राज्य के किसान, मजदूर, व्यापारी, कर्मचारी और पंथिक संगठनों को लिखित पत्र भेजे जाएंगे। इन पत्रों के जरिए विभिन्न संस्थाओं से संघर्ष में सक्रिय सहयोग देने और साझा प्रयासों के साथ आगे बढ़ने की अपील की जाएगी। कमेटी का उद्देश्य इस लड़ाई को समाज के हर वर्ग तक ले जाना और नशे के खिलाफ एक व्यापक जन-आंदोलन खड़ा करना है। एक्शन कमेटी के मीडिया प्रभारी हरदीप सिंह सिद्धू ने परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी और पत्नी मनप्रीत कौर के हवाले से यह जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि नशे का प्रभाव पूरे समाज के लिए एक गंभीर और साझा चिंता का विषय है। झोटा परिवार को न्याय दिलाने के साथ-साथ पंजाब की युवा पीढ़ी को नशे के जाल से बचाना बेहद जरूरी है, जिसके लिए समाज के हर वर्ग की सक्रिय भागीदारी आवश्यक है। खेतों में मेहनत करने वाले किसान-मजदूर से लेकर दुकानों और दफ्तरों में काम करने वाले कर्मचारियों तक, हर किसी को अपने बच्चों के सुरक्षित भविष्य की चिंता है। इसी दौरान मनप्रीत कौर ने कहा कि नशे के कारण बिखरते परिवारों का दर्द पूरे समाज की जिम्मेदारी होना चाहिए। झोटा परिवार के साथ खड़े होने का अर्थ नशे की मार झेल रहे उन सभी परिवारों की आवाज बनना है जिनकी पीड़ा अक्सर घरों की चारदीवारी के भीतर ही दबकर रह जाती है। इसके साथ ही मनप्रीत कौर ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के उस दावे को पूरी तरह से गलत बताया, जिसमें सभी मांगें स्वीकार किए जाने की बात कही जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य मांगों को लेकर अभी तक कोई बातचीत ही नहीं हुई है। परविंदर सिंह झोटा के पिता भीम सिंह फौजी ने कहा कि राज्य के सभी वर्गों के सपने और चिंताएं एक समान हैं। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनके बच्चे पढ़ें-लिखें, खेलें, रोजगार पाएं और एक सुरक्षित जीवन जिएं। उन्होंने सभी संगठनों से अपने-अपने प्रभाव क्षेत्रों में लोगों को जागरूक करने और न्याय की आवाज के साथ आवाज मिलाने की अपील की। गौरतलब है कि लंबी बीमारी के बाद संयुक्त किसान मोर्चा के प्रमुख नेता रुलदू सिंह ने भी पहली बार धरना स्थल पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि आज के समय में नई पीढ़ी को नशे के चंगुल से बाहर निकालना सबसे बड़ी जरूरत है।