शहराणा में 'आप' के 20 नेताओं का सामूहिक इस्तीफा, भगवंत मान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

शहराणा में 'आप' के 20 नेताओं का सामूहिक इस्तीफा, भगवंत मान सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) की भगवंत मान सरकार के खिलाफ नशों के मुद्दे पर रोध और नाराजगी लगातार बढ़ती जा रही है। इसी कड़ी में विधानसभा हलका शुतराणा के अंतर्गत आने वाले क्षेत्र में पार्टी को उस समय करारा झटका लगा, जब 'आप' के करीब 20 प्रमुख नेताओं ने सामूहिक रूप से अपने पदों और प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया। इस घटनाक्रम की जानकारी देते हुए 'आप' के 'युद्ध नशियां विरुद्ध' अभियान के जिला उपाध्यक्ष रंजीत सिंह ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान सरकार पर तीखे प्रहार किए। उन्होंने गंभीर आरोप लगाया कि मौजूदा 'आप' सरकार प्रदेश में नशों को संरक्षण दे रही है। उन्होंने कहा कि जब वे जनसंपर्क के लिए जनता के बीच जाते हैं, तो लोगों द्वारा तीखे सवाल किए जाते हैं। जनता पूछती है कि नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की जब हत्या हुई, तब 'आप' सरकार कहां थी और उनकी ओर से पुलिस को दी गई शिकायतों पर समय रहते कार्रवाई क्यों नहीं की गई। इस्तीफा देने वाले नेताओं ने हाईकमान के रवैये पर भी गहरी नाराजगी व्यक्त की। उनका कहना था कि उन्होंने पार्टी हाईकमान से अपील की थी कि वे गांवों के निवासियों के साथ बैठकर इस गंभीर मुद्दे पर चर्चा करें और एक प्रभावी तथा ठोस नीति तैयार करें, परंतु पार्टी हाईकमान की तरफ से इस पर कोई जवाब नहीं दिया गया। उल्लेखनीय है कि इस सामूहिक इस्तीफे से पहले भी तीन नेताओं के इस्तीफे सामने आ चुके थे, जिनमें जिला उपाध्यक्ष रंजीत सिंह, गोल्डी बरास और आम आदमी पार्टी के ब्लॉक अध्यक्ष अमरिंदर सिंह हरियाऊ शामिल हैं। इस बीच, आम आदमी पार्टी के एक वरिष्ठ नेता द्वारा संगरूर रोड स्थित होटल रुतबा में एक अहम बैठक भी बुलाई गई थी। नशा विरोधी कार्यकर्ता परमिंदर सिंह झोटा की मौत के बाद से आम आदमी पार्टी की मुश्किलें लगातार बढ़ती हुई नजर आ रही हैं। हालांकि अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आने वाले समय में और कितने लोग पार्टी को अलविदा कहेंगे, लेकिन इतना तय है कि इस बगावत से 'आप' संगठन को भारी नुकसान पहुंच सकता है। भविष्य में इस राजनीतिक घटनाक्रम के क्या परिणाम सामने आते हैं, यह तो आने वाला वक्त ही बताएगा।