FBI का मोस्ट वांटेड भगोड़ा मनजीत सिंह बेदी पंजाब में गिरफ्तारी के बाद भेजा गया अमेरिका
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- (Asia/Kolkata)
अमेरिका की जांच एजेंसी एफबीआई (FBI) की मोस्ट वांटेड धोखेबाजों की सूची में शामिल 64 वर्षीय भगोड़े मनजीत सिंह बेदी को पंजाब पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए जाने के करीब एक महीने बाद अमेरिका वापस भेज दिया गया है। एफबीआई के निदेशक काश पटेल ने बृहस्पतिवार को इस बात का औपचारिक ऐलान किया। काश पटेल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए बताया, "एफबीआई के सबसे वांछित धोखेबाजों में शामिल मनजीत सिंह बेदी, जिसे सितंबर में भारत में गिरफ्तार किया गया था, अब अमेरिका वापस आ चुका है।" उन्होंने इस सफल प्रत्यर्पण को एफबीआई के विशेष अभियान के लिए एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर करार दिया। सिएटल पहुँचा आरोपी, 6 लाख डॉलर की धोखाधड़ी का आरोप भारतीय अधिकारियों द्वारा एफबीआई को सौंपे जाने के बाद मनजीत बेदी इस सप्ताह सिएटल पहुँच गया, जहाँ उसे शुक्रवार को अदालत के समक्ष पेश किया जाना तय हुआ था। आरोपी अमेरिका के वाशिंगटन स्थित केंट का निवासी है और टाकोमा (Tacoma) में उसकी एक एशियाई किराना दुकान थी। बेदी पर आरोप है कि उसने वर्ष 2024 से 2025 के दौरान अमेरिकी सरकार की खाद्य सहायता योजना (Food Assistance Benefits) में कम से कम 6,000,000 डॉलर (6 लाख डॉलर) की जालसाजी की। अभियोजकों का आरोप है कि बेदी SNAP (सप्लीमेंटल न्यूट्रिशन असिस्टेंस प्रोग्राम) के लाभार्थियों के ईबीटी (EBT) कार्ड को अपनी दुकान पर फर्जी तरीके से स्वाइप करता था। वह उस भोजन के नाम पर कार्ड स्वाइप दिखाता था जो कभी बेचा ही नहीं गया। इसके बदले में वह लाभार्थियों को आधी रकम नकद देता था और आधी राशि खुद रख लेता था। इसे अमेरिकी कानून में SNAP लाभों की 'तस्करी' (Trafficking) और मनी लॉन्ड्रिंग माना जाता है। कनाडा के रास्ते भागकर आया था भारत मनजीत बेदी को अप्रैल महीने में वायर फ्रॉड के छह मामलों में आरोपी ठहराया गया था, हालांकि उसने खुद को निर्दोष बताया था। इसके बाद वह कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए अमेरिका से कनाडा और फिर वहां से अपने गृह देश भारत भाग आया था। अमेरिकी अटॉर्नी कार्यालय ने अदालत से बेदी को मुकदमे की सुनवाई तक हिरासत में रखने का अनुरोध करने का फैसला किया है, क्योंकि उसके पास भागने के साधन और इरादा साबित हो चुका है। यूएसडीए के इंस्पेक्टर जनरल जॉन वाक ने कहा कि बेदी ने उन जरूरतमंद अमेरिकियों के हिस्से की चोरी की जिन्हें वास्तव में सरकारी मदद की जरूरत थी। उल्लेखनीय है कि SNAP अमेरिकी संघीय सरकार की खाद्य सहायता योजना है (जिसे पहले 'फूड स्टैंप' कहा जाता था)। इसके तहत कम आय वाले परिवारों को राशन खरीदने के लिए एक इलेक्ट्रॉनिक कार्ड मिलता है, जिससे केवल तय किराना दुकानों से खाद्य सामग्री ही खरीदी जा सकती है; इससे नकद निकासी या शराब आदि खरीदना प्रतिबंधित होता है। FBI की मोस्ट वांटेड सूची में 5वीं बड़ी सफलता सितंबर में जब एफबीआई ने बेदी की भारत में गिरफ्तारी की घोषणा की थी, तब वह मोस्ट वांटेड धोखेबाजों की सूची से पकड़ा जाने वाला पांचवां व्यक्ति बना था। काश पटेल के अनुसार, लगभग तीन महीने पहले गठित इस विशेष सूची के माध्यम से अब तक छह भगोड़ों को पकड़ा जा चुका है। ये सभी आरोपी मिलकर 2 अरब डॉलर से अधिक की धोखाधड़ी से जुड़े हैं और इन्होंने सामूहिक रूप से लगभग 4,000 दिन फरार रहकर बिताए थे। एफबीआई निदेशक ने यह भी बताया कि अंतरराष्ट्रीय कानून प्रवर्तन एजेंसियों और भारत पुलिस के साथ मजबूत साझेदारी के कारण पिछले 20 महीनों में 260 प्रत्यर्पण और देशनिकाले (Removals) संपन्न कराए गए हैं, जो इससे पिछले 20 महीनों की तुलना में 70 प्रतिशत से अधिक की वृद्धि दर्शाते हैं।
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