नेपीडॉ में 8वीं भारत-म्यांमार सैन्य वार्ता: द्विपक्षीय सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण पर चर्चा

नेपीडॉ में 8वीं भारत-म्यांमार सैन्य वार्ता: द्विपक्षीय सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और क्षमता निर्माण पर चर्चा

भारत और म्यांमार के बीच द्विपक्षीय सैन्य संबंधों को और प्रगाढ़ करने के उद्देश्य से म्यांमार की राजधानी नेपीडॉ में 8वीं 'सेना-से-सेना स्टाफ वार्ता' (Army-to-Army Staff Talks) सफलतापूर्वक आयोजित की गई। इस उच्चस्तरीय बैठक के दौरान दोनों देशों ने संयुक्त प्रशिक्षण, सैन्य अभ्यासों, क्षमता निर्माण और पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान के माध्यम से रक्षा क्षेत्र में आपसी सहयोग बढ़ाने पर गहन विचार-विमर्श किया। म्यांमार सेना को सौंपे गए ट्रेनिंग सिमुलेटर अपनी यात्रा के दौरान भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने म्यांमार सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण प्रमुख (Head of Armed Forces Training) से विशेष मुलाकात की। इस दौरान चल रहे सहयोग को मजबूत करने और रक्षा साझेदारी के नए रास्ते तलाशने पर चर्चा हुई। क्षमता निर्माण के प्रति नई दिल्ली की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने म्यांमार सेना को ट्रेनिंग सिमुलेटर (Training Simulators) सौंपे, जिससे दोनों देशों के बीच आपसी विश्वास और रक्षा संबंधों को और मजबूती मिली है। इस संबंध में जानकारी देते हुए भारतीय सेना के अतिरिक्त जनसंपर्क महानिदेशालय (ADG PI) ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर बताया कि यह वार्ता मुख्य रूप से द्विपक्षीय सैन्य सहयोग, संयुक्त अभ्यास और पेशेवर अनुभवों के आदान-प्रदान पर केंद्रित थी। रक्षा सहयोग बैठक और 'ऑपरेशन ब्रह्मा' का उल्लेख इससे पूर्व, 7 अक्टूबर 2026 को गुवाहाटी में तीसरी भारत-म्यांमार रक्षा सहयोग बैठक आयोजित की गई थी, जिसकी सह-अध्यक्षता भारत के रक्षा सचिव राजेश कुमार सिंह और म्यांमार के सशस्त्र बलों के प्रशिक्षण प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्याए सान लिन ने की थी। उस बैठक के दौरान 2025 में यांगून में हुई चर्चा के निर्णयों की प्रगति की समीक्षा की गई थी। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता के अनुसार, म्यांमार में आए भीषण भूकंप के बाद भारत द्वारा 'ऑपरेशन ब्रह्मा' (Op Brahma) के तहत भेजी गई मानवीय सहायता की म्यांमार पक्ष ने खुलकर सराहना की। भारत ने एक निकटतम पड़ोसी और संकट के समय 'फर्स्ट रिस्पॉन्डर' (सबसे पहले मदद पहुंचाने वाला देश) के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाई थी।