आम जनता को लगेगा महंगाई का झटका: RBI ने 4 साल में पहली बार बढ़ाई रेपो रेट, महंगे होंगे होम और ऑटो लोन

आम जनता को लगेगा महंगाई का झटका: RBI ने 4 साल में पहली बार बढ़ाई रेपो रेट, महंगे होंगे होम और ऑटो लोन

देश में आने वाले दिनों में बैंकों से नया कर्ज लेना और पुराने कर्ज की मासिक किस्तें (EMI) चुकाना और महंगा हो सकता है। भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने अपनी नई मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए रेपो रेट (Repo Rate) को 5.25% से बढ़ाकर 5.50% कर दिया है। रेपो रेट वह प्रमुख ब्याज दर होती है जिस पर वाणिज्यिक बैंक रिजर्व बैंक से फंड या कर्ज प्राप्त करते हैं। केंद्रीय बैंक की ओर से ब्याज दरों में यह बढ़ोतरी लगभग चार साल के लंबे अंतराल के बाद की गई है। रिजर्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) की तीन दिवसीय समीक्षा बैठक के समापन के बाद आरबीआई के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने बुधवार, 7 अक्टूबर को इन नई ब्याज दरों की आधिकारिक घोषणा की। गवर्नर ने बताया कि मौजूदा आर्थिक परिस्थितियों और बाजार के रुख को ध्यान में रखते हुए नीतिगत दरों में बदलाव करने का यह महत्वपूर्ण फैसला लिया गया है।उल्लेखनीय है कि वर्ष 2026 के दौरान रिजर्व बैंक की इससे पहले तीन मुख्य समीक्षा बैठकें हो चुकी हैं। अप्रैल, जून और अगस्त के महीनों में आयोजित हुई तीनों बैठकों में आरबीआई ने रेपो रेट को 5.25% पर स्थिर बनाए रखा था। यानी इससे पहले लगातार तीन बार ब्याज दरों में कोई बदलाव नहीं किया गया था, लेकिन इस बार केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट (0.25%) की बढ़ोतरी करते हुए इसे 5.50% पर पहुंचा दिया है। आरबीआई द्वारा रेपो रेट बढ़ाए जाने के बाद अब वाणिज्यिक बैंकों के लिए केंद्रीय बैंक से उधारी लेना महंगा हो जाएगा। इसका सीधा असर आम ग्राहकों की जेब पर पड़ेगा। आने वाले दिनों में बैंक अपने होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन समेत अन्य कर्जों पर ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकते हैं, जिससे नए लोन महंगे होंगे और मौजूदा कर्जदारों की ईएमआई का बोझ भी बढ़ जाएगा।