पंजाब में शिक्षा क्रांति: सरकारी स्कूलों का नया रूप
पंजाब सरकार ने शिक्षा क्षेत्र को नई ऊँचाइयों पर ले जाने के लिए बड़े और संगठित कदम उठाए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में शुरू की गई “शिक्षा क्रांति” ने सरकारी स्कूलों की सूरत बदल दी है। इन सुधारों के चलते आज सरकारी स्कूल निजी संस्थानों को कड़ी टक्कर दे रहे हैं। लड़कियों की पढ़ाई और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने स्कूल ऑफ एमिनेंस और अन्य सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाली छात्राओं को मुफ्त बस सुविधा प्रदान की है। इस योजना से राज्यभर की लगभग 15,500 छात्राओं को सीधा लाभ मिल रहा है। इसके अलावा, लड़कियों की स्वास्थ्य और स्वच्छता को ध्यान में रखते हुए 385 स्कूलों में सेनेटरी पैड इन्सिनरेटर मशीनें लगाने के लिए 77 लाख रुपये जारी किए गए हैं। सरकारी स्कूलों में आधुनिक तकनीक को बढ़ावा देने के लिए 9,000 से अधिक स्मार्ट क्लासरूम और 5,000 कंप्यूटर लैब स्थापित किए गए हैं। सभी स्कूलों में हाई-स्पीड फाइबर वाई-फाई कनेक्शन के लिए 20 करोड़ रुपये का बजट दिया गया है। नाबार्ड योजना (EDS-39) के तहत वित्तीय वर्ष 2025-26 में 136 करोड़ रुपये की राशि से 1,703 स्कूलों में नए कमरे, विज्ञान प्रयोगशालाएं, कंप्यूटर लैब, मल्टीपरपज़ हॉल, रसोईघर, मेडिकल रूम, खेल मैदान और शौचालय बनाए गए हैं। शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए प्रिंसिपल और शिक्षकों को सिंगापुर और फिनलैंड जैसे देशों में विशेष प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। अप्रैल 2022 से अब तक लगभग 13,765 नए शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है और अनुबंध पर कार्यरत शिक्षकों को नियमित नियुक्तियां दी गई हैं। सरकार ने वर्ष 2025-26 में छात्रों को समय पर किताबें और मुफ्त यूनिफॉर्म उपलब्ध करवाई हैं। इसके लिए प्री-प्राइमरी के 2,70,853 छात्रों, 71,940 अन्य जरूरतमंद छात्रों और पहली से पाँचवीं कक्षा के 1,27,174 छात्रों के लिए 28.20 करोड़ रुपये का बजट रखा गया। वहीं, छठी से आठवीं कक्षा के 48,959 जरूरतमंद लड़कों और 64,407 सामान्य वर्ग के छात्रों को मुफ्त यूनिफॉर्म देने के लिए 6.80 करोड़ रुपये का बजट जारी किया गया। सरकारी स्कूलों की गुणवत्ता में सुधार का असर परिणामों में भी दिख रहा है। वर्ष 2026 में ही 305 छात्रों ने जेईई मेन्स और 845 छात्रों ने नीट परीक्षा पास की है। इसके अलावा हर साल डेढ़ लाख से अधिक कॉलेज छात्र व्यावसायिक और तकनीकी कौशल सीखकर आत्मनिर्भर बन रहे हैं।
Posted By: Daily Suraj Bureau