ऑस्ट्रेलिया में इमिग्रेशन नीति पर सियासत तेज, विपक्ष का नया प्रस्ताव
ऑस्ट्रेलिया में इमिग्रेशन नीति को लेकर एक नया राजनीतिक विवाद सामने आया है। विपक्षी लिबरल पार्टी के नेता Angus Taylor ने एक ऐसी योजना पेश की है, जिसके तहत उन प्रवासियों को देश से बाहर किया जा सकता है जो ऑस्ट्रेलियाई मूल्यों का पूरी तरह पालन नहीं करते। इस प्रस्ताव में शरणार्थियों के लिए सख्त नियम लागू करने और वीज़ा आवेदन करने वाले लोगों के सोशल मीडिया खातों की जांच करने की बात भी शामिल है। इसे देश की सुरक्षा और सांस्कृतिक मूल्यों की रक्षा के नाम पर लाया गया कदम बताया जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि विपक्ष का यह कदम अपने पारंपरिक वोट बैंक को वापस हासिल करने की रणनीति का हिस्सा हो सकता है। खास तौर पर उन मतदाताओं को आकर्षित करने की कोशिश की जा रही है जो अब Pauline Hanson के नेतृत्व वाली ‘वन नेशन’ पार्टी की ओर रुख कर रहे हैं। यह पार्टी प्रवासन के खिलाफ अपने कड़े रुख के लिए जानी जाती है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर देश में जनमत बंटा हुआ है। एक वर्ग का मानना है कि यह कदम राष्ट्रीय सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान की रक्षा के लिए आवश्यक है। वहीं, दूसरे पक्ष का कहना है कि ऐसी नीतियां प्रवासियों के साथ भेदभाव करती हैं और अमानवीय व्यवहार को बढ़ावा देती हैं। आलोचकों का यह भी कहना है कि इससे ऑस्ट्रेलिया की बहुसांस्कृतिक पहचान को नुकसान पहुंच सकता है। आंकड़ों के अनुसार, ऑस्ट्रेलिया हर साल लगभग 1.5 लाख से 2 लाख लोगों को स्थायी निवास की अनुमति देता है। वर्ष 2023-24 के लिए यह संख्या करीब 1,90,000 निर्धारित की गई थी। इसके अलावा, देश में बड़ी संख्या में ऐसे लोग भी रह रहे हैं जो अस्थायी वीज़ा पर आए हैं, जिनमें अधिकांश छात्र और कामकाजी पेशेवर शामिल हैं।
Posted By: Daily Suraj Bureau