पंजाब में ईडी कार्रवाई पर सियासत तेज, सीएम भगवंत मान का भाजपा पर बड़ा हमला
भगवंत सिंह मान ने आरोप लगाया है कि पंजाब में हाल ही में हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की छापेमारी भाजपा की चुनावी रणनीति का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि पिछले तीन दिनों में आम आदमी पार्टी (आप) के दो नेताओं के घरों पर हुई कार्रवाई इस बात का संकेत है कि केंद्र सरकार एजेंसियों का इस्तेमाल कर चुनावी माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा, जो राज्य में 117 उम्मीदवार भी नहीं खोज पा रही, वह जनता का समर्थन हासिल करने के बजाय डर का माहौल बनाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि पिछले छापों में क्या मिला था, और दावा किया कि इस बार भी कुछ नहीं मिलेगा। मान ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार गैर-भाजपा शासित राज्यों को फंड रोककर, राज्यपालों और केंद्रीय एजेंसियों जैसे ईडी, सीबीआई और चुनाव आयोग के जरिए परेशान कर रही है। उन्होंने कहा कि जो नेता भाजपा में शामिल हो जाते हैं, वे “वॉशिंग मशीन” के जरिए साफ हो जाते हैं, जबकि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जाता है। प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत को दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र कहा जाता है, लेकिन हाल के समय में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार राजनीतिक मतभेदों से ऊपर उठकर राज्यों के साथ न्याय करने में विफल रही है। भाजपा पर निशाना साधते हुए मान ने कहा कि आम आदमी पार्टी को इसलिए निशाना बनाया जा रहा है क्योंकि यह तेजी से उभरती हुई पार्टी है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने कम समय में राष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाई है, जिससे भाजपा असहज है। उन्होंने दिल्ली के कथित शराब घोटाले का जिक्र करते हुए कहा कि इस मामले में अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और संजय सिंह जैसे नेताओं को जेल भेजा गया। मान ने आरोप लगाया कि काम करने वाले नेताओं को धमकाकर भाजपा में शामिल होने के लिए मजबूर किया जाता है। उन्होंने हालिया घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि आप के राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल के घर भी ईडी ने छापा मारा, जबकि वे एक शैक्षणिक संस्थान चला रहे हैं जहां हजारों छात्र पढ़ते हैं। इसके अलावा, मंत्री संजీవ अरोड़ा के घर भी छापेमारी जारी है, जिन्होंने हाल ही में लुधियाना उपचुनाव में भाजपा को हराया था। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि यह सब 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारी का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि भाजपा डर और दबाव के जरिए विपक्षी नेताओं को तोड़ना चाहती है। मान ने बिहार की राजनीति पर भी टिप्पणी करते हुए सम्राट चौधरी का नाम लिया और उनके खिलाफ दर्ज मामलों का उल्लेख किया। उन्होंने भाजपा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतंत्र के लिए खतरा बताया। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में भाजपा का संगठन कमजोर है और वह दूसरे दलों से नेताओं को शामिल कर अपनी पकड़ मजबूत करने की कोशिश कर रही है। मान ने आरोप लगाया कि कांग्रेस और अन्य दलों के नेताओं को दबाव में लाकर भाजपा में शामिल कराया जा रहा है। शासन की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को बेरोजगारी, शिक्षा, स्वास्थ्य और महंगाई जैसे मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए था, लेकिन उनका ध्यान एजेंसियों के इस्तेमाल पर अधिक है। उन्होंने दावा किया कि आम आदमी पार्टी के करीब 90 प्रतिशत नेताओं को किसी न किसी रूप में जांच एजेंसियों का सामना करना पड़ा है, लेकिन पार्टी डरने वाली नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी हर जांच का सामना करने के लिए तैयार है। लोकतंत्र पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि देश के स्वतंत्रता सेनानियों जैसे भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, चंद्र शेखर आजाद और लाला लाजपत राय ने जिन मूल्यों के लिए बलिदान दिया, वे आज खतरे में हैं। मान ने कहा कि देश में लोकतांत्रिक संस्थाओं पर दबाव बढ़ रहा है और नागरिकों को संविधान की रक्षा के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने भाजपा पर “वॉशिंग मशीन राजनीति” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह ज्यादा समय तक नहीं चलेगी। अंत में उन्होंने कहा कि यदि भाजपा 2027 के चुनावों की तैयारी करना चाहती है तो उसे एजेंसियों का सहारा लेने के बजाय जनता के बीच जाकर काम करना चाहिए।
Posted By: Daily Suraj Bureau