निर्माणाधीन मकान में खेलते समय बड़ा हादसा, 3.5 घंटे चला ऑपरेशन
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर जिले में एक गंभीर हादसे में 10 वर्षीय बच्चे के सीने और गर्दन के आर-पार लोहे का सरिया हो गया। यह घटना कोतवाली देहात क्षेत्र में उस समय हुई जब बच्चा एक निर्माणाधीन मकान में अपनी गेंद लेने गया था। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मिर्जापुर गांव निवासी दिव्यांश (10) अपने भाई-बहनों के साथ गली में क्रिकेट खेल रहा था। खेल के दौरान गेंद पास के निर्माणाधीन घर में चली गई। गेंद लाने के लिए वह अंदर गया, लेकिन बाहर लौटते समय फिसल गया और एक लोहे के सरिये पर मुंह के बल गिर पड़ा। सरिया उसके सीने में घुसकर गर्दन तक पहुंच गया। घटना को देख अन्य बच्चे घबरा गए और शोर मचाने लगे। आवाज सुनकर बच्चे की मां अनीता सबसे पहले मौके पर पहुंची, जिसके बाद आसपास के लोग भी इकट्ठा हो गए। तुरंत गैस कटर मंगवाकर लोहे की रॉड के निचले हिस्से को सावधानीपूर्वक काटा गया। बताया जा रहा है कि करीब चार फीट लंबी रॉड का एक हिस्सा बच्चे के शरीर के अंदर और दूसरा बाहर था। आश्चर्यजनक रूप से इतनी गंभीर चोट के बावजूद अधिक खून नहीं बहा और बच्चा होश में बना रहा। परिवार बच्चे को उसी हालत में जिला अस्पताल ले गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे नोएडा के एक उच्च चिकित्सा केंद्र रेफर किया गया। स्थिति गंभीर होने के कारण बाद में उसे दिल्ली भेज दिया गया। दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में बच्चे का लगभग साढ़े तीन घंटे तक ऑपरेशन चला, जिसके बाद डॉक्टरों ने सफलतापूर्वक सरिया निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद बच्चे को सर्जिकल वार्ड से इमरजेंसी वार्ड में स्थानांतरित किया गया है। डॉक्टरों के अनुसार बच्चा अब खतरे से बाहर है। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. प्रदीप राणा के अनुसार, लोहे का सरिया बच्चे के सीने और गर्दन के आर-पार हो गया था, लेकिन सौभाग्य से कोई तत्काल गंभीर जटिलता सामने नहीं आई। उन्होंने बताया कि प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए बच्चे को रेफर किया गया था। दिव्यांश के पिता राजकुमार एक इलेक्ट्रिकल वायरिंग इंजीनियर हैं और अपने परिवार के साथ मिर्जापुर गांव में रहते हैं। परिवार में उनकी पत्नी अनीता, बेटा ऋषभ (11) और बेटी वंदना भी शामिल हैं। यह हादसा शनिवार सुबह ईद की छुट्टी के दौरान हुआ, जब बच्चे गली में खेल रहे थे।
Posted By: Daily Suraj Bureau