स्कॉटलैंड: जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज की अपील, प्रवासी सिख बच्चों को सिखाएं गुरमुखी और जोड़ें अपनी जड़ों से
श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गढ़गज ने स्कॉटलैंड में वसी सिख संगत से विशेष आह्वान किया है कि वे अपने बच्चों को सिख धर्म की मूल जड़ों से जोड़ें और उन्हें गुरमुखी भाषा की शिक्षा दें। अपने स्कॉटलैंड दौरे के दौरान जत्थेदार गढ़गज एड़िनबर्ग स्थित गुरु नानक गुरुद्वारा सिंह सभा पहुंचे, जहां प्रबंधक कमेटी और स्थानीय संगत के सहयोग से एक विशेष धार्मिक समागम का आयोजन किया गया था। इस दौरान उन्होंने संगत के साथ गुरमत और सिख इतिहास के विभिन्न पहलुओं पर विचार साझा किए तथा जीवन को सिख उसूलों के मुताबिक ढालने की प्रेरणा दी। समागम से पूर्व, जत्थेदार गढ़गज ने स्कॉटलैंड के प्रमुख सिख गणमान्य व्यक्तियों और गुरुद्वारा प्रबंधकों के साथ एक विशेष बैठक की। इस दौरान उन्होंने समुदाय के समक्ष आ रही समस्याओं, चिंताओं और धर्म के प्रचार-प्रसार से जुड़ी आवश्यकताओं पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि लंबे समय से स्कॉटलैंड में बसे सिख भाईचारे के लोग श्री गुरु ग्रंथ साहिब के उपदेशों से गहराई से जुड़े हुए हैं और अपनी मेहनत व ईमानदारी से जीवन व्यतीत कर रहे हैं। संगत को संबोधित करते हुए जत्थेदार ने विशेष रूप से जोर दिया कि नई पीढ़ी को गुरु घर से जोड़ा जाना अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाला भविष्य सिख संस्कृति, परंपराओं और सिद्धांतों के मार्ग पर चलते हुए 'सर्वत के भले' (सभी के कल्याण) के कार्य कर सके। उन्होंने एड़िनबर्ग गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी को निर्देश दिए कि गुरु घर के भीतर ही बच्चों को गुरमुखी और पंजाबी भाषा सिखाने के लिए विशेष प्रबंध किए जाएं। इसके साथ ही उन्होंने संगत से अपील की कि वे अपनी मिट्टी और पंजाब से जुड़ाव बनाए रखें तथा समय-समय पर अपने पैतृक गांवों और सचखंड श्री हरमंदिर साहिब (दरबार साहिब) के दर्शन के लिए पंजाब आते रहें। एड़िनबर्ग शहर की ऐतिहासिक बनावट का जिक्र करते हुए जत्थेदार गढ़गज ने कहा कि यहां के लोगों ने अपनी हजारों साल पुरानी विरासत और ऐतिहासिक इमारतों को ज्यों का त्यों सहेज कर रखा है। उन्होंने कहा कि किसी भी कौम की विरासत उसका मुख्य आधार होती है, इसलिए जिस तरह एड़िनबर्ग में अपनी ऐतिहासिक धरोहर को संजोया गया है, उसी प्रकार सिख कौम को भी अपनी समृद्ध विरासत को संभालकर रखना चाहिए। इस अवसर पर गुरु नानक गुरुद्वारा कमेटी के प्रधान धर्मवीर सिंह खालसा, उपाध्यक्ष लखविंदर सिंह, जनरल सचिव वेगे सिंह, मंच संचालक गुलाब सिंह गोल्ड, सुखदीप सिंह रंधावा, सूरज सिंह गोल्ड, अजीतकमल सिंह रंधावा, अमनदीप सिंह, गुरविंदर सिंह, मीडिया सलाहकार जसकरण सिंह समेत भारी संख्या में सिख परिवार और संगत उपस्थित रही।