बम की धमकी और विरोध के बीच अमित शाह का जालंधर दौरा; देवी तालाब मंदिर में टेका माथा, पीड़ित परिवारों का सुना दर्द
- पंजाब
- (Asia/Kolkata)
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को जालंधर में भारतीय जनता पार्टी की ‘नशा मुक्त पंजाब’ यात्रा के समापन के अवसर पर आयोजित एक विशाल नशा विरोधी रैली को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पंजाब के लोगों को संबोधित करते हुए बड़ा दावा किया कि यदि राज्य में भाजपा की सरकार बनती है, तो 31 दिसंबर 2029 के अंत तक पंजाब को पूरी तरह से 'चिट्टा-मुक्त' (ड्रग-फ्री) बना दिया जाएगा और राज्य में एक भी नशा तस्कर नहीं बचेगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि हालांकि पंजाब में किसानों, उद्योग, कानून-व्यवस्था और महिला सुरक्षा जैसे कई मुद्दे हैं, लेकिन भाजपा आगामी चुनाव मुख्य रूप से नशा-मुक्त पंजाब के मुद्दे पर ही लड़ेगी। धार्मिक स्थल पर पूजा-अर्चना और पीड़ित परिवारों से मुलाकात आदमपुर हवाई अड्डे पर उतरने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री विशेष हेलीकॉप्टर से एल.आर. दोआबा स्कूल ग्राउंड स्थित हेलीपैड पहुंचे। वहां से कड़ी सुरक्षा के बीच वे सीधे ऐतिहासिक 'श्री देवी तालाब मंदिर' पहुंचे, जहां उन्होंने लगभग 12 मिनट पूजा-अर्चना की और पंजाब की प्रगति तथा नशा-मुक्ति की प्रार्थना की। इसके बाद वे जालंधर-फगवाड़ा राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) पर स्थित परागपुर में आयोजित जनसभा के लिए रवाना हुए। रैली को संबोधित करने से पहले गृह मंत्री ने उन 50 के करीब पीड़ित परिवारों से आमने-सामने बातचीत की, जिन्होंने नशे के कारण अपने कमाने वाले सदस्यों को खो दिया है। इस दौरान उन्होंने उनके दुख-दर्द को समझा। इस मौके पर राज्यसभा सांसद विक्रमजीत सिंह साहनी ने इस दिन को ऐतिहासिक करार देते हुए पंजाब के गांवों और शहरों में नशे के खिलाफ 4 नई विशेष जागरूकता यात्राएं शुरू करने की घोषणा भी की। 'खालिस्तान आर्मी' की ओर से बम की धमकी और सुरक्षा एजेंसियों का अलर्ट गृह मंत्री के दौरे से कुछ घंटे पहले सुबह 7:07 बजे जालंधर के कई निजी स्कूलों को 'खालिस्तान आर्मी' की ओर से एक धमकी भरा ईमेल प्राप्त हुआ। इस ईमेल में शहर के स्कूलों (सुबह 11:11 बजे), देवी तालाब मंदिर (दोपहर 12:11 बजे), अदालत परिसर (दोपहर 2:11 बजे) और एक अन्य कार्यालय (दोपहर 3:11 बजे) में आईईडी (IED) विस्फोट करने की चेतावनी दी गई थी। ईमेल में यह भी दावा किया गया था कि अमित शाह की रैली के मंच और रैली स्थल की ओर जा रही बसों में बम फिट किए गए हैं। इस धमकी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों और पंजाब पुलिस ने पूरे शहर, मंदिर परिसर और रैली स्थल पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए। राजनीतिक घमासान: होर्डिंग्स, AAP के सवाल और मुस्लिम नेता नजरबंद गृह मंत्री के दौरे के दिन शहर में राजनीतिक सरगर्मी भी तेज रही। रैली की ओर जाने वाले राष्ट्रीय राजमार्गों और शहर के प्रमुख चौकों पर अज्ञात लोगों द्वारा बिना किसी पार्टी के नाम वाले कई होर्डिंग्स लगाए गए, जिनमें केंद्र सरकार से तीखे सवाल पूछे गए थे। इन होर्डिंग्स पर लिखा था, "भाजपा गुजरात से पंजाब में नशे की तस्करी क्यों करवा रही है?" और राजस्थान व हरियाणा के साथ पंजाब के पानी के विवाद पर केंद्र का रुख स्पष्ट करने की मांग की गई थी। दूसरी ओर, आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता नील गर्ग ने गृह मंत्री से सवाल करते हुए पूछा कि बीएसएफ (BSF) और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB) जैसी केंद्रीय एजेंसियां किसके अधीन काम करती हैं? उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार को आरोप लगाने के बजाय अंतरराज्यीय नशा आपूर्ति श्रृंखला को तोड़ने का स्पष्ट रोडमैप देना चाहिए। इसके अलावा, केंद्र की नीतियों और शरिया कानून में दखल के विरोध में अमित शाह को काले झंडे दिखाने का ऐलान करने वाले 'मुस्लिम ऑर्गनाइजेशन पंजाब' के महासचिव मजहर आलम सहित कई प्रमुख नेताओं को पंजाब पुलिस ने सुबह ही उनके घरों में नजरबंद कर दिया।
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