मिशन समरथ 4.0 के तहत नई पहल, स्कूल उपस्थिति की होगी सख्त निगरानी
पंजाब सरकार ने अपने शिक्षा कार्यक्रम ‘मिशन समरथ 4.0’ के तहत पूरे राज्य में एक नया उपस्थिति ट्रैकिंग सिस्टम शुरू किया है। इस प्रणाली के माध्यम से अब अभिभावकों को उनके बच्चों की स्कूल उपस्थिति और अनुपस्थिति की जानकारी रोजाना SMS अलर्ट के जरिए दी जाएगी। पंजाब के शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने इस पहल को राज्य की शिक्षा क्रांति में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने कहा कि पंजाब पहले ही PARAKH सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान हासिल कर चुका है और अब जवाबदेही तथा बेहतर शिक्षण पद्धतियों में भी आगे बढ़ रहा है। मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार ने शिक्षा बजट को वर्ष 2021-22 के 12,657 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2026-27 में 19,279 करोड़ रुपये कर दिया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि यह धनराशि केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि सीधे स्कूलों तक पहुंचे, जिससे बुनियादी ढांचे और शिक्षा के परिणामों में सुधार हुआ है। नई प्रणाली के तहत यदि कोई छात्र लगातार 7 दिनों तक अनुपस्थित रहता है, तो जिला स्तर से अभिभावकों से संपर्क किया जाएगा। वहीं, 15 दिनों से अधिक अनुपस्थिति होने पर इसकी सूचना सीधे राज्य मुख्यालय को दी जाएगी। इस पहल का उद्देश्य छात्रों की पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखना और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना है। इस कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य तीसरी से आठवीं कक्षा के छात्रों को पढ़ने, लिखने और गणित में दक्ष बनाना है। मंत्री ने कहा कि पंजाब ने बुनियादी शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय औसत को भी पीछे छोड़ दिया है। इसके अलावा, 500 से अधिक छात्रों वाले हर सीनियर सेकेंडरी स्कूल में एक कैंपस मैनेजर नियुक्त किया गया है, जबकि 100 से अधिक छात्रों वाले स्कूलों में सुरक्षा गार्ड और सफाई कर्मियों की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस और दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री Manish Sisodia ने ‘मिशन समरथ कम्पेंडियम’ भी जारी किया। इसमें पंजाब के शिक्षकों द्वारा विकसित 38 सफल शिक्षण तरीकों का विवरण शामिल है, जिन्हें अब सभी सरकारी स्कूलों में लागू किया जाएगा। मनीष सिसोदिया ने कहा कि जब व्यस्त अभिभावकों को यह संदेश मिलता है कि उनका बच्चा सुरक्षित रूप से स्कूल पहुंच गया है, तो यह भरोसा किसी भी बड़े घोषणा से अधिक महत्वपूर्ण होता है। अंत में, मंत्री ने कहा कि हर बच्चा IIT तक नहीं पहुंच सकता, लेकिन यह सरकार की जिम्मेदारी है कि कोई भी बच्चा बुनियादी शिक्षा से वंचित न रहे। उन्होंने कहा कि बच्चा केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि एक उम्मीद है।
Posted By: Daily Suraj Bureau