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नशा माफिया के खिलाफ आवाज उठाने की मिली सजा! संगरूर में युवक ने की आत्महत्या की कोशिश, पटियाला रेफर

21 Sep, 2026 07:33 AM

पंजाब के संगरूर जिले में नशे के अवैध कारोबार और प्रशासनिक उपेक्षा से परेशान होकर एक और युवक द्वारा आत्महत्या का प्रयास करने का गंभीर मामला सामने आया है। गांव नमोल के निवासी जगसीर सिंह उर्फ जग्गा ने संगरूर स्थित जिला प्रशासनिक परिसर के बाहर जहरीला पदार्थ निगल लिया। रविवार को घटी इस घटना के तुरंत बाद जग्गा को इलाज के लिए संगरूर के नागरिक अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पटियाला के सरकारी राजेंद्र अस्पताल रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज जारी है। पीड़ित जग्गा सिंह ने एक वीडियो संदेश के जरिए दावा किया कि उसने अपने गांव नमोल में सरेआम हो रही 'चिट्टे' (सिंथेटिक ड्रग्स) की बिक्री और आपूर्ति का एक वीडियो बनाकर इंटरनेट पर अपलोड किया था। उसका आरोप है कि वीडियो सामने आने के बाद गांव के सरपंच ने उसे डरा-धमकाकर वीडियो डिलीट करने पर मजबूर किया। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि उसके घर में लगे सीसीटीवी कैमरे भी तोड़ दिए गए और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। वहीं, पुलिस का कहना है कि जग्गा सिंह द्वारा जहर निगलने के मामले में केस दर्ज कर लिया गया है और मामले की गहन जांच की जा रही है। गौरतलब है कि संगरूर में यह घटना 7 सितंबर को हुई एक अन्य दुखद घटना के कुछ ही दिनों बाद सामने आई है, जब मजदूर गुलजार सिंह ने आत्महत्या कर ली थी। गुलजार के परिजनों ने आरोप लगाया था कि दिड़बा में एक कार्यक्रम के दौरान वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा से नशे की आपूर्ति को लेकर सवाल पूछने पर उसे अपमानित किया गया था। विपक्षी दलों ने सरकार पर साधा निशाना इस घटना के बाद राज्य में राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) और कांग्रेस ने भगवंत मान सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बीजेपी सांसद तरुण चुग ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर लिखा कि जग्गा सिंह का कसूर सिर्फ इतना था कि उसने नशा माफिया के खिलाफ आवाज उठाई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस मदद करने के बजाय गायब रही और सरपंच ने उसका जीना दुश्वार कर दिया। चुग ने मुख्यमंत्री पर हमला बोलते हुए कहा कि अगर वे नशा माफिया को नहीं रोक सकते, तो उन्हें अपने पद पर रहने का कोई अधिकार नहीं है। दूसरी ओर, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और वरिष्ठ कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा ने कहा कि मुख्यमंत्री के गृह जिले संगरूर में इस प्रकार की घटना का होना अत्यंत चिंताजनक है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाला कोई युवा खुद को इतना बेबस महसूस करे कि उसे अपनी जीवन लीला समाप्त करने का कदम उठाना पड़े, तो सरकार के 'रंगला पंजाब' और 'नशा मुक्त पंजाब' के दावों की पोल खुल जाती है।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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