सख्त इमिग्रेशन नीतियां और ठगी बनी वजह: ब्रैम्पटन में ट्रेन के आगे कूदकर युवक ने दी जान, सरे में भी आत्मघाती कदम
कनाडा में सुनहरे भविष्य के सपने संजोकर पहुंचे पंजाबी युवाओं के लिए वहां की धुंधली होती परिस्थितियां और इमिग्रेशन विभाग की सख्त नीतियां भारी पड़ रही हैं। भविष्य में बढ़ती अनिश्चितता और मानसिक तनाव के कारण कुछ युवा आत्महत्या जैसा खौफनाक रास्ता चुनने पर मजबूर हो रहे हैं। नवंबर महीने के शुरुआती चार दिनों के भीतर ही दो अलग-अलग शहरों में युवाओं द्वारा अपनी जीवन लीला समाप्त करने और इसका प्रयास करने के गंभीर मामले सामने आए हैं। हालिया घटनाओं में ब्रैम्पटन में रहने वाले 24 वर्षीय पंजाबी युवक सिमरजीत सिंह ने ट्रेन के आगे कूदकर अपनी जान दे दी। वहीं, इसके अगले ही दिन सरे के उत्तरी इलाके में एक अन्य युवक ने खुद को गोली मारकर आत्महत्या करने का प्रयास किया। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, मृतक सिमरजीत सिंह ने कनाडा में पक्का (PR) होने के लिए कई प्रयास किए थे। उसने एक ट्रक कंपनी से कथित एलएमआईए (LMIA - लेबर मार्केट इम्पैक्ट असेसमेंट) हासिल करने के लिए 60 से 70 हजार डॉलर तक दिए थे। हालांकि, उसकी फाइल प्रोसेस होने से पहले ही ट्रक कंपनी के मालिक ने कंपनी को दिवालिया घोषित कर दिया और पैसे लौटाने से साफ इनकार कर दिया। हालांकि सरकार द्वारा नियोक्ताओं को विदेशी कर्मचारियों को बुलाने के लिए LMIA मुफ्त दी जाती है, लेकिन कई नियोक्ताओं ने इसे कमाई का धंधा बना लिया था, जिस पर शिकायतें मिलने के बाद सरकार ने पिछले साल रोक लगा दी थी। हर तरफ से निराश होने के बाद सिमरजीत ने आत्महत्या का रास्ता चुना। दूसरी ओर, सरे में गोली लगने से घायल हुए युवक की पहचान फिलहाल पुलिस ने सार्वजनिक नहीं की है। पुलिस का कहना है कि शुरुआती जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है और घायल युवक के होश में आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, स्थानीय सूत्रों के अनुसार वह युवक कर्ज के बोझ से काफी परेशान था। उल्लेखनीय है कि इस समय अनुमानित तौर पर 2 से 2.5 लाख पंजाबी युवा कनाडा में अनिश्चितता के माहौल में रह रहे हैं। इनमें से कई लोगों के वर्क परमिट रीन्यू नहीं हो रहे हैं, तो कई युवाओं के शरणार्थी (Refugee) दावे खारिज कर दिए गए हैं। इमिग्रेशन एजेंटों द्वारा फर्जी दिलासा देकर की जा रही ठगी पर लगाम कसने के लिए कनाडाई सरकार ने कड़े नियम लागू किए हैं, जिनमें भारी जुर्माना और जेल का प्रावधान है। बीते महीनों में स्टडी वीजा पर आए छात्रों द्वारा पक्का करने की मांग को लेकर किए गए प्रदर्शनों का भी सरकार पर कोई असर नहीं पड़ा, जिससे युवाओं में निराशा और बढ़ गई है।