पंजाब बंद का ऐलान: नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड के विरोध में सड़कों पर उतरे लोग, जालंधर में किसान नेता हिरासत में
नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के रोष स्वरूप परिवार द्वारा दिए गए 'पंजाब बंद' के आह्वान के बाद गुरुवार सुबह 6 बजे से पंजाब बंद शुरू हो गया है। इसके चलते राज्यभर में कई जगहों पर किसानों और प्रदर्शनकारियों ने सड़कें जाम करनी शुरू कर दी हैं। हालांकि, प्रदर्शनकारियों द्वारा एम्बुलेंस और अन्य आपातकालीन (एंबुलेंस) वाहनों को गुजरने की पूरी छूट दी जा रही है। यह बंद सुबह 6 बजे से शाम 5 बजे तक बुलाया गया है। इस दौरान जालंधर में किसान नेताओं को कथित तौर पर हिरासत में लिए जाने की भी खबर है। झोटा के पिता और पूर्व फौजी भीम सिंह ने आज सुबह एक नई अपील जारी करते हुए इंसाफपसंद लोगों से बड़ी संख्या में सड़कों पर उतरने की अपील की है। उन्होंने पिछले कुछ घंटों के दौरान कुछ इलाकों में हुई बारिश और ओलावृष्टि के बावजूद बंद को सफल बनाने का आग्रह किया है। कई किसान यूनियनों, राजनीतिक दलों और व्यापारिक संगठनों ने इस बंद के आह्वान का समर्थन किया है, जबकि कई निजी शिक्षण संस्थानों ने भी आज छुट्टी की घोषणा की है। हालांकि, मालवा के कुछ जिलों में सुबह 8 बजे तक बंद का असर थोड़ा कम देखने को मिला। इस बीच, परविंदर झोटा का शव मानसा के सिविल अस्पताल में रखा हुआ है, जिसका पोस्टमार्टम अभी होना बाकी है क्योंकि परिवार ने इसके लिए अभी तक सहमति नहीं दी है। इस मामले में इंसाफ की मांग के लिए गठित एक्शन कमेटी ने लोगों से बंद के दौरान पूरी तरह अमन-शान्ता और अनुशासन बनाए रखने की अपील की है। कमेटी ने प्रशासन को यह भी चेताया है कि कानून अपने हाथ में लेने वालों से सख्ती से निपटा जाए। परिवार और एक्शन कमेटी की मुख्य मांगों में मुख्यमंत्री और पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) का इस्तीफा, हत्या की सीबीआई जांच, तथा संबंधित जिला ड्रग इंस्पेक्टर, एसएसपी, डीएसपी और एसएचओ को बर्खास्त करना शामिल है। इसके अलावा वे प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए लोगों की रिहाई और चंडीगढ़ स्थित पीजीआईएमਈਆਰ (PGIMER) के डॉक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम करवाने की मांग कर रहे हैं। गौरतलब है कि मंगलवार को मानसा शहर में एक मेडिकल स्टोर पर नशे को लेकर केमिस्ट के साथ हुई बहस के बाद परविंदर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह पूरी घटना झोटा के फेसबुक पेज पर लाइव स्ट्रीम की गई थी, जिसके बाद से भारी रोष व्याप्त है और इस घटना में चार अन्य लोग भी घायल हुए थे। पुलिस ने मुख्य आरोपी और मेडिकल स्टोर के मालिक अश्विनी कुमार समेत दो लोगों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। बुधवार को भड़की भीड़ ने उसकी दुकान को ढाह दिया और आग लगा दी, जबकि सिविल प्रशासन ने अवैध निर्माण की पुरानी शिकायत पर कार्रवाई करते हुए मानसा में उसके घर का अगला हिस्सा भी गिरा दिया। उधर, डीसी आवास के पास चल रहे धरने वाली जगह पर भारी बारिश के कारण पानी भर गया है, जिससे टेंट और दरियां पानी में भीग गई हैं। एक्शन कमेटी ने तुरंत बैठक कर जिला प्रशासन से पानी निकालने का आग्रह किया है। परविंदर झोटा के पिता भाई भीम सिंह फौजी ने डीसी और नगर कौंसिल के अधिकारियों से पानी निकासी की गुहार लगाई है ताकि दिन के समय धरने को सुचारू रूप से चलाया जा सके।