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ओंटारियो में डिजिटल पहचान पत्र शुरू करने की तैयारी, स्मार्टफोन में रख सकेंगे ड्राइविंग लाइसेंस और हेल्थ कार्ड

25 Oct, 2026 04:13 PM

ओंटारियो में डिजिटल पहचान पत्र शुरू करने की कवायद कनाडा के ओंटारियो प्रांत की सरकार ने निवासियों के लिए डिजिटल पहचान पत्र (डिजिटल आईडी) पेश करने की तैयारी फिर से शुरू कर दी है। ओंटारियो सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस नई प्रणाली के तहत नागरिक अपने मोबाइल फोन में डिजिटल पहचान पत्र सुरक्षित रख सकेंगे। इसका उपयोग सरकारी सेवाओं का लाभ उठाने के लिए ऑनलाइन माध्यम से या सीधे सरकारी कार्यालयों में जाकर किया जा सकेगा। सरकार ने स्पष्ट किया है कि डिजिटल आईडी की सुविधा पूरी तरह से वैकल्पिक (ऑप्शनल) होगी। जो नागरिक पहले की तरह प्लास्टिक या कागजी पहचान पत्र का उपयोग करना चाहते हैं, वे अपनी सुविधानुसार उन्हें जारी रख सकेंगे। ओंटारियो के जन सेवा मंत्री स्टीफन क्रॉफर्ड ने कहा कि इस पहल का मुख्य उद्देश्य प्रांतीय पहचान प्रणाली को अधिक सुरक्षित, सुविधाजनक और कम खर्चीला बनाना है। इसके साथ ही सरकार नागरिकों की निजी जानकारी की सुरक्षा और गोपनीयता को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। इस योजना के क्रियान्वयन के लिए सार्वजनिक और हितधारकों के साथ विचार-विमर्श की प्रक्रिया इस वर्ष के अंत में शुरू की जाएगी। शुरुआत में डिजिटल फोटो कार्ड लॉन्च किया जाएगा, जिसके बाद ड्राइविंग लाइसेंस और हेल्थ कार्ड जैसे अन्य दस्तावेजों को भी डिजिटल प्रारूप में शामिल करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। यद्यपि इसे लागू करने की कोई अंतिम तिथि तय नहीं की गई है, लेकिन सरकार का कहना है कि भौतिक पहचान पत्रों के अधिकार को कानूनी संरक्षण देने के लिए अगले वर्ष के अंत में एक नया विधेयक भी पेश किया जाएगा। उल्लेखनीय है कि ओंटारियो सरकार ने वर्ष 2021 में भी ऐसी योजना की घोषणा की थी, जिसे बाद में स्थगित कर दिया गया था। अलास्का सीनेट चुनाव के नतीजों पर ट्रंप प्रशासन का मुकदमा दूसरी ओर, एक अंतरराष्ट्रीय घटनाक्रम में अमेरिकी राजनीति से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। ट्रंप प्रशासन ने अलास्का में हुए सीनेट चुनाव के नतीजों की आधिकारिक पुष्टि और घोषणा पर रोक लगाने के लिए अदालत में मुकदमा दायर किया है। शुक्रवार को संवाददाताओं से बातचीत करते हुए राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकार किया कि उन्होंने स्वयं प्रशासन को यह मुकदमा दायर करने के निर्देश दिए थे। यह संपूर्ण विवाद चुनाव मैदान में एक ही नाम वाले दो उम्मीदवारों की उपस्थिति से उत्पन्न हुआ है। चुनाव में वर्तमान सेनेटर के अलावा 'डैनियल जे. सुलीवन' नाम का एक अन्य उम्मीदवार भी खड़ा था। रिपब्लिकन पार्टी का आरोप है कि एक ही नाम होने के कारण मतदाताओं में भ्रम की स्थिति पैदा हुई, जिससे मुख्य रिपब्लिकन उम्मीदवार के वोटों का बंटवारा हो गया। हालांकि, दूसरे उम्मीदवार डैनियल जे. सुलीवन का कहना है कि उन्होंने अपनी स्वेच्छा से चुनाव लड़ने का निर्णय लिया था। इससे पहले अलास्का सुप्रीम कोर्ट दूसरे उम्मीदवार को चुनाव मैदान से हटाने संबंधी याचिका को खारिज कर चुका है। अब न्याय विभाग (DOJ) ने अदालत से मांग की है कि जब तक इस पूरे मामले की गहन जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक चुनावी नतीजों को आधिकारिक रूप से प्रमाणित न किया जाए। डेमोक्रेटिक पार्टी ने ट्रंप प्रशासन के इस कदम की तीखी आलोचना की है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन अदालत के जरिए जनमत और मतदाताओं के फैसले को प्रभावित करने का प्रयास कर रहा है। इसके जवाब में न्याय विभाग ने कहा है कि उनका एकमात्र उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया की पारदर्शिता और विश्वसनीयता को बनाए रखना है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिकी संविधान के तहत चुनाव कराने और परिणाम जारी करने का मुख्य अधिकार राज्यों के पास होता है, इसलिए इस मुकदमे को अदालत में कड़ी कानूनी चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। अलास्का में वरीयता-आधारित मतदान (रैंक्ड-चॉइस वोटिंग) प्रणाली के कारण अंतिम परिणाम आने में कई सप्ताह का समय लग सकता है।

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