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2026-27 में पंजाब की आबकारी आय ₹12,800 करोड़ तक पहुंचेगी: हरपाल सिंह चीमा

23 Feb, 2026 06:33 PM

पंजाब में वर्ष 2026-27 के दौरान आबकारी राजस्व ₹12,800 करोड़ तक पहुंचने का अनुमान है। यह जानकारी राज्य के वित्त, योजना, आबकारी और कराधान मंत्री Harpal Singh Cheema ने सोमवार को दी। उन्होंने कहा कि राज्य में लागू किए गए आबकारी सुधारों ने न केवल राजस्व में वृद्धि की है, बल्कि इस आय का उपयोग अब स्कूलों, अस्पतालों और जनकल्याणकारी योजनाओं के लिए किया जा रहा है। नई आबकारी नीति की घोषणा करते हुए मंत्री ने कहा कि पंजाब ने पिछली कांग्रेस और अकाली-भाजपा सरकारों के दौर की धीमी प्रगति से बाहर निकलकर आबकारी क्षेत्र को पारदर्शी, सख्त प्रवर्तन आधारित और विकासोन्मुख बनाया है। इससे रिकॉर्ड राजस्व प्राप्त हो रहा है और अवैध कारोबार पर भी प्रभावी नियंत्रण किया जा रहा है। पंजाब भवन में आबकारी एवं कराधान आयुक्त जितेंद्र जोरवाल के साथ आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में मंत्री ने राजस्व के आंकड़ों का विस्तृत विश्लेषण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि 2011-12 में अकाली-भाजपा शासन के दौरान आबकारी आय ₹2,755 करोड़ थी, जो 2021-22 में कांग्रेस सरकार के समय बढ़कर ₹6,255 करोड़ तक ही पहुंच पाई। उन्होंने कहा कि वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann के नेतृत्व में नई नीति लागू होने के बाद राजस्व में तेज वृद्धि हुई और यह ₹8,428 करोड़ तक पहुंच गया। इसके बाद यह वृद्धि लगातार जारी रही, 2024-25 में राजस्व ₹10,744 करोड़ तक पहुंचा और 2025-26 के लिए ₹11,200 करोड़ का लक्ष्य प्राप्त किया जा रहा है। नई आबकारी नीति 2026-27 के प्रावधानों पर प्रकाश डालते हुए मंत्री ने कहा कि मौजूदा रिटेल लाइसेंसों का नवीनीकरण 2025-26 की फीस पर 6.5 प्रतिशत वृद्धि के साथ किया जाएगा। जहां नवीनीकरण नहीं होगा, वहां लाइसेंस पारदर्शी ई-टेंडर प्रक्रिया के माध्यम से आवंटित किए जाएंगे। उन्होंने बताया कि पंजाब मीडियम लिकर (PML) के 50 और 65 डिग्री कोटे में 3 प्रतिशत की वृद्धि की गई है, जिससे कुल कोटा 8.79 करोड़ प्रूफ लीटर हो गया है। इसके अलावा अवैध शराब की बिक्री पर रोक लगाने के लिए उच्च अपराध वाले क्षेत्रों में 40 डिग्री PML सब-वेंड खोले जाएंगे। व्यवसाय सुगमता (Ease of Doing Business) को बढ़ावा देते हुए मंत्री ने कहा कि EDP और EBP के तहत ब्रांड कीमतों में 4 प्रतिशत तक वृद्धि को अब ऑटो-अप्रूवल दिया जाएगा, जिससे प्रशासनिक देरी कम होगी। साथ ही इकाइयों के संचालन और डिस्पैच समय को बढ़ाने पर भी काम किया जा रहा है। औद्योगिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए मंत्री ने घोषणा की कि पंजाब में अपने माल्ट मैन्युफैक्चरिंग यूनिट स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इससे राज्य की औद्योगिक नीति में बड़ा बदलाव आएगा और पंजाब उच्च मूल्य उत्पादन केंद्र के रूप में विकसित होगा। उन्होंने कहा कि जौ की प्रोसेसिंग से लेकर प्रीमियम माल्ट के उत्पादन तक पूरी प्रक्रिया राज्य में ही होगी, जिससे बाहरी निर्भरता कम होगी और कृषि क्षेत्र को भी लाभ मिलेगा। इससे राज्य में निवेश बना रहेगा, तकनीकी रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और औद्योगिक विकास को गति मिलेगी। कानून प्रवर्तन के आंकड़े साझा करते हुए मंत्री ने बताया कि सरकार ने शराब तस्करी के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है। इसके तहत 4,406 एफआईआर दर्ज की गईं और 4,324 लोगों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने 26,218 छापे मारे और 24,832 नाके लगाए, जिनके दौरान 455 वाहन और 1,76,552 शराब की बोतलें जब्त की गईं। इसके अलावा आबकारी विभाग ने 38,23,576 लीटर लाहन नष्ट किया, 82,990 लीटर एथेनॉल और ENA जब्त किया, 66,794 लीटर अवैध शराब बरामद की और 374 चल रही भट्टियों को ध्वस्त किया।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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