कैंसर का बढ़ता प्रकोप: भारत में 2021 से 2025 के बीच मामलों में बड़ी वृद्धि
- राष्ट्रीय
- (Asia/Kolkata)
कैंसर की गंभीर बीमारी ने पंजाब में चिंताजनक स्थिति पैदा कर दी है। वर्ष 2025 के दौरान राज्य में प्रतिदिन औसतन लगभग 68 लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा संसद में प्रस्तुत ताज़ा आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में पंजाब में कैंसर के मामलों और उससे होने वाली मौतों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर भी कैंसर का बोझ बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार पिछले वर्ष पूरे भारत में औसतन रोज़ाना 2,380 लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई। इनमें सबसे अधिक मौतें उत्तर प्रदेश में दर्ज की गईं, जहां प्रतिदिन औसतन 343 लोगों की जान इस बीमारी के कारण गई। स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा संसद में पेश किए गए आंकड़ों के मुताबिक वर्ष 2025 में हरियाणा में प्रतिदिन लगभग 50 और हिमाचल प्रदेश में लगभग 15 लोगों की मौत कैंसर के कारण हुई। देशभर में उसी वर्ष कैंसर के कुल 15,69,793 मामले सामने आए, जबकि कैंसर से होने वाली अनुमानित मौतों की संख्या 8,68,588 रही। पंजाब में 24,886 मौतें स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार पंजाब में वर्ष 2025 के दौरान कैंसर के 43,196 मामले दर्ज किए गए और 24,886 लोगों की मौत इस बीमारी से हुई। वहीं हरियाणा में उसी वर्ष 33,395 मामले सामने आए और 18,387 से अधिक लोगों की मौत हुई। उत्तर प्रदेश में कैंसर का बोझ सबसे अधिक देखा गया। वर्ष 2025 के दौरान वहां कैंसर से 1,25,184 मौतें दर्ज की गईं, जबकि अनुमानित मामलों की संख्या 2,26,125 रही। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के 2021 के एक अध्ययन में यह भी सामने आया था कि पंजाब की महिलाओं में स्तन कैंसर सबसे अधिक घातक साबित हो रहा है। पंजाब में कैंसर से होने वाली अनुमानित मौतों की संख्या 2021 में 22,786 थी, जो 2022 में बढ़कर 23,301, 2023 में 23,818, 2024 में 24,369 और 2025 में 24,886 तक पहुंच गई। इसका अर्थ है कि राज्य में हर वर्ष लगभग 25 हजार लोग कैंसर के कारण अपनी जान गंवा रहे हैं, जो औसतन प्रतिदिन करीब 68 मौतों के बराबर है। लगातार बढ़ रहे मामले स्वास्थ्य मंत्रालय के आंकड़ों से यह भी स्पष्ट हुआ है कि उत्तर भारत के कई राज्यों में कैंसर के मामलों में निरंतर वृद्धि हो रही है। पंजाब में कैंसर के मामले 2021 में 39,251 थे, जो 2025 तक बढ़कर 43,196 हो गए। इसी अवधि में हरियाणा में यह संख्या 30,015 से बढ़कर 33,395 तक पहुंच गई। हिमाचल प्रदेश में भी कैंसर का प्रभाव जारी है। वर्ष 2025 में राज्य में 9,761 मामले दर्ज किए गए और 5,382 लोगों की मौत हुई। ICMR के आंकड़ों के अनुसार हरियाणा में कैंसर से होने वाली मौतें 2021 में 16,543 थीं, जो 2025 में बढ़कर 18,387 हो गईं। इसी प्रकार हिमाचल प्रदेश में मामलों की संख्या 2021 के 8,978 से बढ़कर 2025 में 9,761 हो गई। कम आबादी वाले केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ में भी कैंसर के मामलों में वृद्धि दर्ज की गई है। यहां अनुमानित मामले 2021 में 1,053 थे, जो 2025 में बढ़कर 1,183 हो गए, जबकि मौतों की संख्या 582 से बढ़कर 644 हो गई। राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ता बोझ राष्ट्रीय स्तर पर भी कैंसर के मामलों में वृद्धि देखी गई है। पूरे देश में अनुमानित कैंसर मामले 2021 में 14,26,447 थे, जो 2025 में बढ़कर 15,69,793 तक पहुंच गए। कैंसर के सबसे अधिक मामलों वाले राज्यों में उत्तर प्रदेश 2025 में 2,26,125 नए मामलों के साथ शीर्ष पर है। इसके बाद महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार और तमिलनाडु का स्थान है। केंद्रीय मंत्री प्रताप राव जाधव ने संसद को बताया कि ICMR के अनुसार औद्योगिक कचरे, कीटनाशकों और भारी धातुओं के कारण जल स्रोतों का प्रदूषण कैंसर के प्रमुख कारणों में से एक माना जा रहा है।
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