कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को नहीं मिली जमानत, 26 जून तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे
पंजाब के कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा को मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ी कानूनी राहत नहीं मिल सकी। गुरुग्राम की अदालत ने सोमवार को उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी। अदालत के इस फैसले के बाद संजीव अरोड़ा अब 26 जून तक न्यायिक हिरासत में ही रहेंगे। गौरतलब है कि अदालत ने 8 जून को संजीव अरोड़ा की जमानत याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था। सोमवार को अदालत ने अपना आदेश सुनाते हुए जमानत देने से इनकार कर दिया। 9 मई को ईडी ने किया था गिरफ्तार प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने मनी लॉन्ड्रिंग मामले में संजीव अरोड़ा को 9 मई को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद से वह लगातार हिरासत में हैं और अब उन्हें हिरासत में रहते हुए लगभग सवा महीना हो चुका है। ईडी ने पूछताछ के दौरान उनसे लंबे समय तक पूछताछ भी की। एजेंसी के अनुसार, संजीव अरोड़ा को 100 करोड़ रुपये के मनी लॉन्ड्रिंग मामले और कथित फर्जी जीएसटी रिफंड प्रकरण में गिरफ्तार किया गया था। कंपनी के ठिकानों पर भी हुई थी छापेमारी ईडी ने जांच के दौरान संजीव अरोड़ा की कंपनी से जुड़े मामलों की भी पड़ताल की। जानकारी के अनुसार, एक सप्ताह पहले ईडी की टीमों ने उनकी कंपनी से जुड़े करीब आधा दर्जन स्थानों पर दोबारा छापेमारी की थी। जांच एजेंसी इस मामले से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। इसी क्रम में पावरकॉम के अधिकारियों को भी पूछताछ के लिए तलब किया गया था। ईडी पावरकॉम द्वारा मंत्री की कंपनी से संबंधित लिए गए निर्णयों की भी जांच कर रही है। रिहाई के लिए हुई थीं अरदासें संजीव अरोड़ा की रिहाई की कामना को लेकर उनके समर्थकों और शुभचिंतकों ने पिछले दिनों विभिन्न गुरुद्वारों में अरदास भी करवाई थी। वहीं, गिरफ्तारी के समय आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने राज्यभर में विरोध प्रदर्शन भी किए थे। कुछ समय पहले आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी जेल में जाकर संजीव अरोड़ा से मुलाकात की थी। हाईकोर्ट का भी लिया था रुख मामले में कानूनी राहत पाने के लिए संजीव अरोड़ा ने पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट का भी दरवाजा खटखटाया था। हालांकि, अब गुरुग्राम अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद उन्हें फिलहाल न्यायिक हिरासत में ही रहना होगा। बताया गया है कि पंजाब मंत्रिमंडल में संजीव अरोड़ा को सबसे प्रभावशाली मंत्रियों में से एक माना जाता था। उनकी जमानत को लेकर आम आदमी पार्टी को भी उम्मीद थी, लेकिन अदालत के फैसले ने पार्टी की अपेक्षाओं को झटका दिया है।
Posted By: Daily Suraj Bureau