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सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में SAD की अहम बैठक; 8 दिसंबर को मोगा में होगी विशाल राज्य स्तरीय रैली

01 Oct, 2026 04:49 PM

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनाव 2027 को ध्यान में रखते हुए शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने अपनी रणनीतिक और राजनीतिक गतिविधियों को तेज कर दिया है। चंडीगढ़ स्थित पार्टी के मुख्य कार्यालय में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल की अध्यक्षता में सभी हलका प्रभारियों और वरिष्ठ नेताओं की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें भावी चुनाव रणनीति और अभियानों को लेकर कई अहम फैसले लिए गए। बैठक में तय किए गए कार्यक्रमों के अनुसार, पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल 6 अक्टूबर को अटारी से घर-घर जाकर जनसंपर्क अभियान की शुरुआत करेंगे, ताकि चुनावी घोषणा पत्र (मैनिफेस्टो) तैयार करने के लिए आम लोगों से सीधे सुझाव लिए जा सकें। इस दौरान पार्टी के सभी नेता अपने-अपने क्षेत्रों में इस अभियान को आगे बढ़ाएंगे। इसके साथ ही, सांसद हरसिमरत कौर बादल द्वारा 5 अक्टूबर से नशे के खिलाफ जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से ‘मावां धीयां दी ललकार और बंद करो नशे का कारोबार’ नामक विशेष अभियान की शुरुआत की जाएगी। चुनावी गतिविधियों को गति देते हुए अकाली दल ने घोषणा की है कि 1 नवंबर को 'पंजाब दिवस' के अवसर पर पार्टी अपना आधिकारिक चुनावी घोषणा पत्र जारी करेगी। इसके बाद 10 नवंबर से पूरे पंजाब में पार्टी द्वारा विशेष यात्रा निकाली जाएगी। चुनावी अभियानों की इस श्रृंखला के तहत पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय प्रकाश सिंह बादल की जयंती के अवसर पर 8 दिसंबर को मोगा के किल्ली चेहला में एक विशाल राज्य स्तरीय रैली आयोजित की जाएगी। विरोधी पक्षों द्वारा किए जाने वाले कतिपय दुष्प्रचार और भ्रामक अभियानों पर लगाम लगाने के लिए अकाली दल ने अर्शदीप सिंह कलेर के नेतृत्व में वकीलों की 11 सदस्यीय लीगल कमेटी का गठन किया है। यह कमेटी पार्टी विरोधी गतिविधियों की निगरानी करेगी और गलत प्रचार करने वालों के खिलाफ मानहानि का नोटिस भेजने सहित आवश्यक कानूनी कार्रवाई अमल में लाएगी। दूसरी ओर, शिरोमणि अकाली दल ने केंद्र सरकार द्वारा हाल ही में गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में किए गए 25 रुपये प्रति क्विंटल के इजाफे को बेहद मामूली और नाकाफी करार दिया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि देश में बढ़ती महंगाई और कृषि लागत में हुए भारी इजाफे के मद्देनजर यह मामूली बढ़ोतरी किसानों की जरूरतों को पूरा करने में असमर्थ है। अकाली दल ने केंद्र सरकार से मांग की है कि किसानों के हित में गेहूं की कीमतों में की गई इस बढ़ोतरी पर तुरंत पुनर्विचार किया जाए।

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