कनाडा में पंजाबी पुस्तक प्रदर्शनी का शुभारंभ: ब्रैम्पटन में 2000 से अधिक किताबों के साथ सजा 'चेतना प्रकाशन' का मंच
कनाडा में रह रहे पंजाबी समुदाय की सुविधा और उन्हें मातृभाषा व साहित्य से जोड़े रखने के उद्देश्य से ब्रैम्पटन स्थित 'विश्व पंजाबी भवन' में पुस्तक प्रदर्शनी की शुरुआत हो गई है। लुधियाना (पंजाब) के 'चेतना प्रकाशन' द्वारा आयोजित इस प्रदर्शनी में 2000 से अधिक विभिन्न पुस्तकें (टाइटल) पाठकों के लिए प्रदर्शित की गई हैं। इनमें जसवंत सिंह कंवल, अमृता प्रीतम, सुरजीत पातर, मनमोहन बावा, गुरभजन गिल, वरियाम सिंह संधू और संत सिंह सेखों जैसे दिग्गज साहित्यकारों के साथ-साथ नए लेखकों की दर्जनों पुस्तकें शामिल हैं। प्रसिद्ध हस्तियों ने किया प्रदर्शनी का उद्घाटन इस पुस्तक प्रदर्शनी का औपचारिक उद्घाटन पाकिस्तानी पंजाब के प्रसिद्ध पंजाबी शायर बाबा नजमी, पंजाबी सभा के अध्यक्ष दलवीर सिंह कथूरिया, डॉ. जगदीप सिंह, आबकारी आयुक्त गुरतेज सिंह, गायक हुसनैन लाहौर, जसविंदर बिट्टा, कंवलजीत सिंह और 'चेतना प्रकाशन' के सतीश गुलाटी सहित प्रमुख हस्तियों द्वारा किया गया। प्रदर्शनी के पहले ही दिन बड़ी संख्या में पंजाबी पाठकों ने पहुंचकर अपने पसंदीदा लेखकों की पुस्तकें खरीदीं। 11 अक्टूबर तक जारी रहेगी प्रदर्शनी सतीश गुलाटी ने जानकारी देते हुए बताया कि वे विभिन्न प्रकाशकों और लेखकों की पुस्तकें लेकर यहां पहुंचे हैं, जिनमें स्थापित साहित्यकारों के साथ-साथ नए कलमकारों की कृतियों को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि कनाडा में बसे पंजाबी पाठकों के लगातार आ रहे फोन और मांग को देखते हुए यह प्रयास किया गया है। पुस्तकों को इंसान की आत्मा की खुराक और ज्ञान का अथाह भंडार बताते हुए उन्होंने घोषणा की कि यह प्रदर्शनी 11 अक्टूबर तक निरंतर जारी रहेगी। 2 से 4 अक्टूबर तक होगा 'विश्व पंजाबी सम्मेलन' इस अवसर पर आबकारी आयुक्त गुरतेज सिंह ने 'चेतना प्रकाशन' के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि विदेशों में बैठे पंजाबियों तक पुस्तकें पहुंचाना और उन्हें भाषा व साहित्य से जोड़कर रखना एक सराहनीय कदम है। वहीं, पंजाबी सभा के अध्यक्ष दलवीर सिंह कथूरिया ने बताया कि भवन में 2 अक्टूबर से 4 अक्टूबर तक 'विश्व पंजाबी सम्मेलन' का आयोजन किया जा रहा है। उन्होंने समस्त पंजाबी समुदाय को प्रदर्शनी में शामिल होने और विद्वानों के विचार सुनने का निमंत्रण दिया। पाकिस्तानी शायर बाबा नजमी ने अपने संबोधन में कहा कि पंजाबी संस्कृति और भाषा ने दोनों पंजाबों (भारतीय और पाकिस्तानी) को एक सूत्र में पिरोकर रखा है। उन्होंने कहा कि दुनिया भर में पंजाबी बोलने वाले 14 करोड़ लोग हैं और एक समय आएगा जब सभी पंजाबी एक ही धारा में बहने लगेंगे। कार्यक्रम के अंत में डॉ. जगदीप सिंह ने पहुंचे सभी अतिथियों और पाठकों का धन्यवाद व्यक्त किया।
Posted By: Daily Suraj Bureau