Daily Suraj

हिन्दी

एनआरआई जीवनसाथी का झांसा देकर लोगों को ठगने वाले बड़े रैकेट का खुलासा; जयपुर और बिहार से 6 शातिर दबोचे गए

30 Sep, 2026 05:08 PM

मध्य प्रदेश पुलिस ने एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर अपराध रैकेट का पर्दाफाश करते हुए राजस्थान और बिहार से छह लोगों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह मैट्रिमोनियल वेबसाइटों और सोशल मीडिया के माध्यम से 100 से अधिक मामलों में लोगों को अपना शिकार बनाकर 11 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी कर चुका है। मंदसौर के पुलिस अधीक्षक (एसपी) विनोद कुमार मीणा ने इस बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इस गिरोह के अंतरराष्ट्रीय तार जुड़े होने का भी संदेह है, क्योंकि विदेश में बैठे कॉलर कथित तौर पर संभावित जीवनसाथी के रूप में पेश होकर पीड़ितों को अपने जाल में फंसाते थे। इस पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब शामगढ़ की एक महिला ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई कि एक मैट्रिमोनियल वेबसाइट के जरिए खुद को एनआरआई बताने वाले एक व्यक्ति ने उससे संपर्क किया था और साइबर धोखाधड़ी करते हुए उससे लगभग 7.5 लाख रुपये ठग लिए। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने फर्जी तस्वीरों का इस्तेमाल किया और व्हाट्सएप के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों को महिला से मिलवाया, जो खुद को संभावित दूल्हे के परिवार के सदस्य बताते थे। महिला का विश्वास जीतने के बाद उन्होंने यह कहकर पैसे ऐंठे कि विदेश से भेजे गए महंगे तोहफों को कस्टम विभाग ने रोक लिया है और उनके टैक्स व प्रोसेसिंग चार्ज के लिए भुगतान जरूरी है। इसके बाद गिरोह के कुछ सदस्यों ने खुद को कस्टम अधिकारी बताकर उसे डराया और कई बैंक खातों में लगभग 7.5 लाख रुपये ट्रांसफर करवा लिए। इस शिकायत पर कार्रवाई करते हुए शामगढ़ पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज किया गया और एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने आरोपियों का सुराग लगाने से पहले 150 से अधिक ‘म्यूल’ (खच्चर) बैंक खातों और मोबाइल सिम कार्डों का बारीकी से विश्लेषण किया। एसपी विनोद कुमार मीणा ने बताया कि जयपुर में छापेमारी के दौरान पांच संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया, जबकि कथित मास्टरमाइंड को बिहार के अरवल जिले से दबोचा गया। जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरोह का एक समूह आगरा, फिरोजाबाद, दिल्ली, बिहार और भोपाल जैसे शहरों से फर्जी बैंक खातों और सिम कार्डों की व्यवस्था करता था, जबकि दूसरा समूह ठगी की रकम निकालकर कैश डिपॉजिट मशीनों के जरिए जमा करवाता था। बैंक खातों को फ्रीज किए जाने से बचने के लिए आरोपी मोबाइल फोन, सिम कार्ड, पासबुक और एटीएम कार्ड तक नष्ट कर देते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 22 एंड्रॉइड मोबाइल फोन, 30 फर्जी सिम कार्ड और पांच एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा, पुलिस ने विभिन्न बैंक खातों में मौजूद 8 लाख रुपये से अधिक की राशि को फ्रीज कर दिया है, जिसे कानूनी प्रक्रिया के तहत पीड़ितों को वापस लौटाया जाएगा। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरोह के अंतरराष्ट्रीय संबंधों को खंगालने और इस रैकेट में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए आगे की जांच अभी भी जारी है।

Latest News