पंजाब शिक्षा क्रांति: 599 सरकारी स्कूलों में लगेंगे नेताओं के नाम वाले ग्रेनाइट पत्थर, लगभग 30 लाख रुपये होगा खर्च
पंजाब सरकार ने 'पंजाब शिक्षा क्रांति' पहल के तहत राज्य स्तरीय उद्घाटन अभियान के दौरान 599 सरकारी स्कूलों में मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री और स्थानीय विधायकों के नामों वाले ग्रेनाइट के उद्घाटन पत्थर लगाने के निर्देश दिए हैं। अनुमान के मुताबिक, केवल इन शिलापट्टों (नेम प्लेट्स) को तैयार करने और लगाने पर लगभग 30 लाख रुपये का खर्च आएगा। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी एक आधिकारिक पत्र के माध्यम से जिला शिक्षा अधिकारियों (सेकेंडरी) और ब्लॉक प्राथमिक शिक्षा अधिकारियों को 27 अक्टूबर से 7 नवंबर के बीच उद्घाटन समारोह आयोजित करने के निर्देश जारी किए गए हैं। इन कार्यक्रमों के दौरान स्कूलों में हाल ही में 83.67 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किए गए बुनियादी ढांचे को जनता को समर्पित किया जाएगा। इसमें अतिरिक्त क्लासरूम, साइंस एवं मैथ्स लैब, आर्ट एंड क्राफ्ट रूम, वोकेशनल वर्कशॉप और लाइब्रेरी शामिल हैं। समारोह के आयोजन के लिए प्रति स्कूल 5,000 रुपये (एलिमेंट्री स्कूल) से लेकर 20,000 रुपये (सीनियर सेकेंडरी स्कूल) तक की ग्रांट स्वीकृत की गई है। इसके अलावा, शिक्षा विभाग ने प्रत्येक स्कूल में पट्टिका (plaque) के डिजाइन और स्थापना के लिए अलग से 5,000 रुपये की राशि मंजूर की है। इस हिसाब से कुल 599 स्कूलों के लिए यह रकम 29.95 लाख रुपये बैठती है। मानक संचालन प्रक्रिया (SOP) और निर्धारित लेआउट के अनुसार, 30"x24" आकार की प्रत्येक ग्रेनाइट पट्टिका पर मुख्यमंत्री भगवंत मान, शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस और स्थानीय विधायक का नाम व पद लिखा होना अनिवार्य है। हालांकि, सरकार के इस फैसले को लेकर विरोध भी शुरू हो गया है। पंजाब गवर्नमेंट स्कूल टीचर्स यूनियन के वरिष्ठ सदस्य प्रेम चावला ने इस खर्च पर सवाल उठाते हुए इसकी कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि यह बेहद खेदजनक है कि जनता के टैक्स का पैसा राजनेताओं की ब्रांडिंग और शिलापट्टों पर उनके नाम चमकाने के लिए उड़ाया जा रहा है, जबकि राज्य के कई स्कूल आज भी बुनियादी विकास जरूरतों के लिए संघर्ष कर रहे हैं। दूसरी ओर, जारी निर्देशों में जिला शिक्षा अधिकारियों को दैनिक तैयारियों की समीक्षा करने, रिबन काटने की रस्म आयोजित करने, छात्रों द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां सुनिश्चित करने, स्थानीय गणमान्य व्यक्तियों को आमंत्रित करने और इन कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है।