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पंजाब के 23 जिलों में लग रहे विरासत मेले, सरकार का बड़ा सांस्कृतिक प्रयास

23 Feb, 2026 01:43 PM

पंजाब सरकार द्वारा राज्य भर में विरासत मेलों के आयोजन के जरिए सांस्कृतिक परंपराओं को पुनर्जीवित करने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की जा रही है। यह बात पंजाब के पर्यटन और सांस्कृतिक मामलों के मंत्री Tarunpreet Singh Sond ने खन्ना में आयोजित ‘पंजाब सखी शक्ति मेला-2026’ के दूसरे दिन कही। मंत्री ने मेले में विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से आईं हुनरमंद महिलाओं और कारीगरों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का दौरा किया। उन्होंने प्रतिभागियों से बातचीत की और देश के विभिन्न हिस्सों की सांस्कृतिक विविधता तथा पारंपरिक व्यंजनों का आनंद लिया। इसके बाद उन्होंने मेले की स्टार नाइट में मुख्य अतिथि के रूप में भी शिरकत की। मंत्री सौंद ने मेले में बड़ी संख्या में परिवारों सहित पहुंचे लोगों से संवाद करते हुए कहा कि यह आयोजन लोगों को खरीदारी और मनोरंजन का अवसर प्रदान कर रहा है। उपस्थित लोगों ने भी बातचीत के दौरान कहा कि ऐसे मेले मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann की दूरदर्शी सोच का परिणाम हैं और इन्हें लगातार आयोजित किया जाना चाहिए। लोगों ने मुख्यमंत्री की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने पंजाब को फिर से “रंगला पंजाब” बनाने की दिशा में प्रयास किए हैं। मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री की अगुवाई में पंजाब सरकार विरासत मेलों के आयोजन को पूरी गंभीरता से आगे बढ़ा रही है। उन्होंने बताया कि खन्ना शहर के इतिहास में ‘पंजाब सखी शक्ति मेला’ पहली बार आयोजित किया गया है। साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि राज्य के सभी 23 जिलों में इस तरह के मेले आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल ही में फतेहगढ़ साहिब जिले में भी मेला आयोजित किया गया था और अब लुधियाना जिले के खन्ना में मेले का दूसरा दिन चल रहा है। दूसरे दिन पहले दिन की तुलना में लगभग चार गुना अधिक भीड़ देखने को मिली, जो लोगों के उत्साह को दर्शाती है। मंत्री सौंद के अनुसार, मेले की हर स्टॉल पर खरीद-फरोख्त जारी है, जिससे स्थानीय कारीगरों और हस्तशिल्प को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि ऐसे विरासत मेले लंबे समय से बंद हो गए थे, लेकिन अब इन्हें दोबारा शुरू कर पंजाब की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत किया जा रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे अपने परिवारों के साथ मेले में आकर इसका आनंद लें। उन्होंने यह भी कहा कि इन मेलों के माध्यम से अंतरराज्यीय सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा मिलता है। पंजाब के कारीगर अन्य राज्यों में जाकर अपने उत्पाद प्रदर्शित करते हैं, वहीं अन्य राज्यों के कारीगर पंजाब में आकर अपने हस्तनिर्मित उत्पाद बेचते हैं। इससे देश की विविध संस्कृति और भाषाओं का समन्वय देखने को मिलता है। मेले की स्टार नाइट में प्रसिद्ध पंजाबी गायक Alaap Sikander ने अपने गीतों से समां बांध दिया और दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस दौरान उन्होंने अपने पिता, दिवंगत गायक Sardool Sikander को याद करते हुए उनके लोकप्रिय गीत भी प्रस्तुत किए। मेले के आगामी दिनों में भी कई प्रसिद्ध कलाकार अपनी प्रस्तुतियां देंगे, जिनमें Khan Bhaini (23 फरवरी), Labh Heera (24 फरवरी), Meet Kaur और Deepak Dhillon (25 फरवरी), Harf Cheema (26 फरवरी), Harbhajan Mann (27 फरवरी), Sippy Gill (28 फरवरी), R Nait (1 मार्च) और Ranjit Bawa (2 मार्च) शामिल हैं। हर शाम ये कलाकार लोक, समकालीन और सूफी संगीत का संगम पेश करते हुए दर्शकों का मनोरंजन करेंगे।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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