हवाई ईंधन के महंगे होने से बढ़ेंगे किराए: इंडिगो के सीईओ विली वॉल्श का बड़ा बयान
विमानन कंपनी इंडिगो (InterGlobe Aviation) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) विली वॉल्श ने कहा है कि हवाई ईंधन (Aviation Turbine Fuel - ATF) की कीमतों में आई भारी तेजी के कारण कंपनी को हवाई किराए बढ़ाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। पदभार संभालने के बाद अपनी पहली मीडिया बातचीत में वॉल्श ने स्पष्ट किया कि यद्यपि इंडिगो की वित्तीय स्थिति काफी मजबूत है और बढ़ते खर्चों से निपटने के लिए कंपनी के पास पर्याप्त विकल्प उपलब्ध हैं, फिर भी ईंधन लागत की भरपाई के लिए किराए में बढ़ोतरी अनिवार्य हो गई है। उल्लेखनीय है कि चालू वित्त वर्ष की सितंबर तिमाही में इंडिगो को 1,879.1 करोड़ रुपये का शुद्ध घाटा दर्ज करना पड़ा है। हालांकि, इस दौरान कंपनी की कुल आय पिछले साल की समान अवधि के 19,599.5 करोड़ रुपये से बढ़कर 24,311.9 करोड़ रुपये पर पहुंच गई। आय में बढ़ोतरी के बावजूद भारी परिचालन खर्चों के चलते कंपनी मुनाफे की जगह घाटे में चली गई। आंकड़ों के अनुसार, सितंबर तिमाही के दौरान इंडिगो का कुल खर्च बढ़कर 26,188.4 करोड़ रुपये हो गया। इसमें सबसे बड़ा हिस्सा हवाई ईंधन का रहा, जिस पर कंपनी का खर्च 67.2 प्रतिशत बढ़कर 9,966.8 करोड़ रुपये तक पहुंच गया। कंपनी प्रबंधन ने इस घाटे और बढ़ते खर्च के लिए एटीएफ की रिकॉर्ड ऊंची कीमतों, मध्य पूर्व के भू-राजनीतिक तनाव और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये में आई कमजोरी को मुख्य वजह बताया है। विली वॉल्श ने कहा कि इंडिगो हमेशा से कम किराए के माध्यम से भारत में हवाई यात्रा की मांग को बढ़ावा देने की पक्षधर रही है और कंपनी हवाई किराए में वृद्धि को कम से कम रखना चाहती है। हालांकि, मौजूदा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं और एटीएफ की लगातार बढ़ती दरों के कारण एयरलाइंस पर परिचालन लागत का भारी बोझ पड़ रहा है। ऐसे में लागत नियंत्रण और वित्तीय संतुलन बनाए रखने के लिए हवाई टिकटों की दरों में इजाफा करना ही एकमात्र व्यावहारिक विकल्प बचता है।