Gujarat News: साइखा औद्योगिक क्षेत्र की फार्मा कंपनी में दर्दनाक हादसा, रिएक्टर फटने से पांच मजदूरों की मौत
गुजरात के भरूच जिले से एक बड़ी और दुखद खबर सामने आई है। यहां वागरा तालुका के साइखा औद्योगिक क्षेत्र में स्थित 'सिंजील फार्माकैम' (Synzyl Pharmacem) नामक केमिकल फैक्ट्री में एक भीषण धमाका हो गया। इस दर्दनाक हादसे में पांच मजदूरों की मौत हो गई है, जबकि पांच अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। घटना के बाद इलाके में हड़कंप मच गया है। रिएक्टर टैंक के उड़े परखच्चे, जहरीली गैस का रिसाव अधिकारियों के अनुसार, यह हादसा फैक्ट्री के भीतर हाइड्रोडैक्शन प्रक्रिया (Hydrogenation process) के दौरान हुआ। धमाका इतना जबरदस्त था कि इसका रिएक्टर टैंक पूरी तरह फट गया और मशीनरी के परखच्चे उड़ गए। फैक्ट्री के अंदर मशीनों के टुकड़े दूर-दूर तक बिखर गए। इस शक्तिशाली विस्फोट के तुरंत बाद जहरीली गैस 'मेथलीन डिक्लोराइड' (MDC) का रिसाव शुरू हो गया, जिससे मौके पर स्थिति और अधिक गंभीर हो गई। भरूच की उप-मंडल मजिस्ट्रेट मनीषा मनानी ने जानकारी दी कि 'सिंजील फार्माकैम' कंपनी ने महज एक साल पहले ही साइखा में अपना परिचालन शुरू किया था। यह कंपनी दवाओं के निर्माण में इस्तेमाल होने वाले महत्वपूर्ण रसायन (केमिकल्स) तैयार करती है। मृतकों और घायलों की पहचान पुलिस अधीक्षक अक्षयराज मकवाना ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि इस दुर्घटना में जान गंवाने वाले पांचों मजदूरों की शिनाख्त कर ली गई है। मृतकों में अमोद के रहने वाले जयदीप महेशभाई पटेल और भाविप दिलीपकुमार वसावा, गिर सोमनाथ जिले के तल्ला क्षेत्र के निवासी वृंद तलावीया, तथा उत्तर प्रदेश के रहने वाले अनिकेत हरीलाल गौतम और अर्जुनकुमार रामसिंह गौतम शामिल हैं। इसके अलावा, इस हादसे में घायल हुए पांच अन्य मजदूरों की पहचान पवनकुमार रामसिंह गौतम, मौसमकुमार रामसेवक यादव, शिवदयाल रामअवतार यादव, प्रतीक प्रवीण प्रजापति और प्रियांशु बहादुरलाल के रूप में हुई है। ये सभी घायल मजदूर बिहार और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। प्रशासन के मुताबिक, सभी घायलों को तुरंत स्थानीय अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। प्रशासनिक जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन, गुजरात प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (GPCB) और औद्योगिक सुरक्षा एवं स्वास्थ्य निदेशालय के वरिष्ठ अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंच गए। अधिकारियों की टीमें यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर इस खतरनाक हादसे के वास्तविक और तकनीकी कारण क्या थे। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियों द्वारा मामले की गहन जांच की जा रही है।