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UPI ट्रांजैक्शन चार्ज मामला: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र और RBI को नोटिस जारी कर चार हफ्ते में मांगा जवाब

28 Sep, 2026 10:09 AM

सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को 2,000 रुपये से अधिक के निर्धारित यू.पी.आई. (UPI) पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) लेन-देन पर मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) लगाने के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए केंद्र सरकार और अन्य संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। शीर्ष अदालत ने केंद्र सरकार, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और अन्य उत्तरदाताओं को चार सप्ताह के भीतर अपना जवाब (हलफनामा) दाखिल करने का निर्देश दिया है। नई दिल्ली स्थित सुप्रीम कोर्ट में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जोयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की पीठ ने वकील अंजन दत्ता द्वारा दायर इस जनहित याचिका (PIL) पर सुनवाई की। सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम स्टे लगाने से इनकार सुनवाई के दौरान पीठ ने एमडीआर (MDR) लागू करने के केंद्र सरकार के फैसले पर फिलहाल कोई भी अंतरिम रोक (Stay) लगाने से साफ इनकार कर दिया। जब याचिकाकर्ता के वकील ने अदालत से जवाब आने तक फैसले पर स्टे लगाने का अनुरोध किया, तो पीठ ने इस मांग को खारिज कर दिया। मामले पर टिप्पणी करते हुए पीठ ने कहा, "यह मुद्दा कानूनी से कम और तकनीकी अधिक है।" सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश हुए एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) एन. वेंकटरमन ने अदालत को सूचित किया कि पेमेंट गेटवे का उपयोग करने वाले लगभग 96 प्रतिशत लोगों को इस शुल्क व्यवस्था से छूट प्रदान की गई है। जानिए क्या है UPI पर शुल्क लगाने का नया नियम लगभग छह वर्षों से पूरी तरह से मुफ्त चल रहे UPI भुगतानों पर व्यवस्था बदलते हुए सरकार ने 15 अक्टूबर से नया नियम लागू करने का निर्णय लिया है। इसके तहत UPI प्लेटफॉर्म के माध्यम से व्यापारियों (Merchants) को किए जाने वाले 2,000 रुपये से अधिक के ट्रांसफर पर 0.4 प्रतिशत फीस लगाई गई है। हालांकि, आम लोगों के दैनिक पर्सन-टू-पर्सन (P2P) लेनदेन और छोटे भुगतानों को इस शुल्क से पूरी तरह बाहर रखा गया है। नियमों के अनुसार: 75,000 रुपये और उससे अधिक के भुगतानों के लिए MDR की अधिकतम सीमा 300 रुपये तय की गई है। रेलवे, टेलीकॉम, बीमा, ईंधन और कृषि इनपुट जैसे आवश्यक और कम मार्जिन वाले क्षेत्रों के लिए 2,000 रुपये से अधिक के प्रति लेन-देन पर 5 रुपये का फ्लैट MDR लगेगा। म्यूचुअलग फंड, सिक्योरिटीज और स्टॉक ब्रोकरों के माध्यम से होने वाले भुगतान पर 0.02 प्रतिशत MDR लागू होगा, जिसकी अधिकतम सीमा 300 रुपये है। पर्सन-टू-पर्सन (P2P) ट्रांसफर—जो कुल UPI वॉल्यूम का 37% और कुल वैल्यू का 70% है—पर राशि चाहे जितनी भी हो, कोई शुल्क नहीं लगेगा।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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