एलपीयू ने रेप की अफवाहों को बताया निराधार, जांच के लिए एसआईटी गठित, एफआईआर दर्ज
फगवाड़ा स्थित लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) ने परिसर में एक छात्रा के साथ कथित दुष्कर्म की घटना को लेकर सोशल मीडिया पर फैल रही खबरों को पूरी तरह झूठा, निराधार और मनगढ़ंत बताया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि भ्रामक सूचनाएं संस्थान के शांतिपूर्ण माहौल को प्रभावित कर रही हैं और अनावश्यक भ्रम पैदा कर रही हैं।
रविवार तड़के विश्वविद्यालय में बड़ी संख्या में छात्रों ने कथित घटना को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान परिसर में संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया और राष्ट्रीय राजमार्ग को भी अवरुद्ध कर दिया गया। छात्रों का आरोप था कि विश्वविद्यालय परिसर में एक बाहरी व्यक्ति द्वारा एक छात्रा के साथ दुष्कर्म किया गया है।
घटनाक्रम के बाद पुलिस ने मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया है, जबकि मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है। जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की पड़ताल कर रही हैं।
इस बीच, विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार मोनिका गुलाटी द्वारा जारी बयान में कहा गया कि कुछ असामाजिक तत्व भ्रामक और गुमराह करने वाली सूचनाएं फैला रहे हैं। विश्वविद्यालय का दावा है कि जिस तरीके से अफवाहों का प्रसार किया जा रहा है, उससे प्रतीत होता है कि संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है।
एलपीयू ने स्पष्ट रूप से कहा कि वर्तमान में प्रसारित की जा रही अफवाहों में कोई सच्चाई नहीं है। विश्वविद्यालय ने छात्रों, अभिभावकों और आम जनता से अपील की है कि वे अपुष्ट जानकारी पर विश्वास न करें और न ही उसे आगे साझा करें।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने यह भी सलाह दी है कि किसी भी मामले में केवल विश्वविद्यालय के आधिकारिक माध्यमों से जारी की गई जानकारी पर ही भरोसा किया जाए। प्रशासन का कहना है कि अफवाहों के प्रसार से न केवल भ्रम की स्थिति पैदा होती है, बल्कि शैक्षणिक वातावरण भी प्रभावित होता है।
एलपीयू ने दोहराया कि जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ने दिया जाना चाहिए और किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले आधिकारिक तथ्यों का इंतजार किया जाना चाहिए।
Posted By: Daily Suraj Bureau