बिश्नोई गैंग के नाम पर 1.5 लाख कनाडाई डॉलर की रंगदारी मांगने का आरोपी विन्निपेग से गिरफ्तार
कनाडा के प्रांत मैनिटोबा की किंग्स बेंच अदालत में दायर दस्तावेजों से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। विन्निपेग के 36 वर्षीय अरशदीप सिंह बराड़ पर भारत-आधारित आपराधिक संगठन ‘बिश्नोई गैंग’ के नाम का इस्तेमाल कर स्थानीय दक्षिण एशियाई मूल के एक व्यक्ति से 1.5 लाख कनाडाई डॉलर (करीब 90 लाख रुपये) की रंगदारी वसूलने की कोशिश करने के गंभीर आरोप लगे हैं। गौरतलब है कि कनाडा सरकार ने सितंबर 2025 में बिश्नोई गैंग को एक आतंकवादी इकाई घोषित किया था। इसके बाद इस नेटवर्क से जुड़ा यह मैनिटोबा का पहला बड़ा मामला माना जा रहा है। अदालती रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी की पहचान अरशदीप सिंह बराड़ के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने 14 फरवरी 2026 को एक पे-फोन से पीड़ित को कॉल की। केवल 28 सेकंड चली इस बातचीत के दौरान उसने स्वयं को बिश्नोई गैंग का सदस्य बताते हुए पीड़ित के परिवार, बच्चों और भारत में रहने वाले उसके भाई के बारे में निजी जानकारी होने का दावा किया। आरोपी ने कथित तौर पर धमकी दी कि यदि मांगी गई रकम नहीं दी गई तो कनाडा में गोलीबारी करवा दी जाएगी, क्योंकि वहां शूटर उपलब्ध कराना कोई मुश्किल काम नहीं है। इस कॉल के बाद पीड़ित को हिंदी में लिखा एक पत्र भी मिला, जिसमें रकम ट्रांस-कनाडा हाईवे के पास पोर्टेज ला प्रेयरी क्षेत्र में तय किए गए पत्थरों के पीछे रखने के निर्देश दिए गए थे। पत्र में यह भी चेतावनी दी गई थी कि यदि पुलिस को सूचना दी गई या भुगतान में देरी की गई तो मांगी गई रकम दोगुनी कर दी जाएगी। पीड़ित ने भयभीत होकर चुप रहने के बजाय विन्निपेग पुलिस से संपर्क किया। इसके बाद पुलिस ने एक गुप्त स्टिंग ऑपरेशन के तहत नकली नोटों का पैकेज तैयार किया और 2 मार्च को बताए गए स्थान पर रख दिया। आरोप है कि जैसे ही बराड़ अपने ट्रक के साथ वहां पहुंचा और पैकेज उठाया, पुलिस ने हेडिंगली के पास घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। वीडियो रिकॉर्ड की गई पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर स्वीकार किया कि उसने यह सब बिश्नोई गैंग के एक सदस्य के कहने पर किया था। फिलहाल यह मामला मैनिटोबा के डायरेक्टर ऑफ क्रिमिनल प्रॉपर्टी फॉरफीचर द्वारा अदालत में लाया गया है। इसमें कथित अपराध में इस्तेमाल किए गए ट्रक को जब्त करने की मांग की गई है। हालांकि, अदालत में लगाए गए आरोप अभी सिद्ध नहीं हुए हैं। मामले की अगली सुनवाई 29 जुलाई को निर्धारित की गई है। कनाडाई संघीय सरकार के अनुसार, बिश्नोई गैंग एक अंतरराष्ट्रीय आपराधिक नेटवर्क है, जिस पर कनाडा में रहने वाले दक्षिण एशियाई समुदाय, कारोबारियों और सांस्कृतिक हस्तियों को निशाना बनाकर जबरन वसूली, गोलीबारी और हत्या जैसी घटनाओं को अंजाम देने के आरोप हैं। इस मामले पर प्रतिक्रिया के लिए जब आरसीएमपी और विन्निपेग पुलिस से संपर्क किया गया तो दोनों एजेंसियों ने संगठित आपराधिक समूहों की गतिविधियों पर कोई आधिकारिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। साथ ही संबंधित एजेंसी ने चेतावनी दी कि कनाडा की आव्रजन प्रणाली का दुरुपयोग करने और धोखाधड़ी में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और अधिक सख्त की जाएगी।
Posted By: Daily Suraj Bureau