ट्रांसफर-पोस्टिंग में भ्रष्टाचार जांच का मामला: पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, हाई कोर्ट के आदेश के खिलाफ जाएगी शीर्ष अदालत
पंजाब सरकार ने राज्य में सरकारी तबादलों (ट्रांसफर) और नियुक्तियों (पोस्टिंग) में कथित लेन-देन और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने के पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने का निर्णय लिया है। इस बात की घोषणा पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में पंजाब कैबिनेट की बैठक के बाद मीडियाकर्मियों से बातचीत करते हुए की। चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब में पिछली सरकारों के दौरान ही राज्य में सीबीआई के सीधे हस्तक्षेप पर रोक लगाई जा चुकी है। इसी कानूनी व संवैधानिक स्थिति को आधार बनाकर पंजाब सरकार सुप्रीम कोर्ट का रुख करेगी और सीबीआई जांच के आदेश का कड़ा विरोध दर्ज कराएगी। उल्लेखनीय है कि पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट ने राज्य सरकार में तबादलों और नियुक्तियों में भ्रष्टाचार और वित्तीय लेन-देन के आरोपों की जांच सीबीआई को सौंपने के आदेश दिए हैं। याचिकाकर्ता निखिल सराफ द्वारा हाई कोर्ट में दायर की गई याचिका में सरकारी पदों पर तैनात व्यक्तियों, उच्च अधिकारियों और मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) से जुड़े कुछ लोगों पर गंभीर आरोप लगाए गए थे। इससे पूर्व, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखकर तबादलों व पोस्टिंग में हो रहे वित्तीय लेन-देन की ओर ध्यान आकर्षित कराया था। मामले की सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में पंजाब पुलिस की अब तक की कार्रवाई संतोषजनक नहीं रही है, इसलिए निष्पक्ष और पारदर्शी जांच बेहद जरूरी है। पीठ ने सीबीआई को एफआईआर दर्ज कर तुरंत जांच शुरू करने का निर्देश दिया है और दो महीने के भीतर अदालत में जांच रिपोर्ट पेश करने को कहा है।