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जग्गू भगवानपुरिया गैंग का मुख्य फ्रंटमैन अमृत डालम गिरफ्तार, फर्जी पासपोर्ट पर भागा था विदेश

12 Sep, 2026 05:21 PM

पंजाब पुलिस ने संगठित अपराध और गैंगस्टर नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए जग्गू भगवानपुरिया गिरोह के मुख्य फ्रंटमैन अमृतपाल सिंह उर्फ अमृत डालम उर्फ गुरपाल सिंह को यूरोप के देश मोल्दोवा (Moldova) से भारत प्रत्यर्पित कर गिरफ्तार कर लिया है। बटाला के किला लाल सिंह थाना क्षेत्र के गांव डालम नंगल निवासी 27 वर्षीय अमृत डालम के खिलाफ पंजाब के चार जिलों में 2019 से 2025 के बीच 21 आपराधिक मामले (FIRs) दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक हीरा सिंह और हरजिंदर कौर के बेटे अमृत डालम ने कोटली सूरत मल्ली से 12वीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। उसके परिवार में दो भाई और एक बहन (बलजीत कौर, जो गुरदासपुर में ब्याही है) हैं। जहां उसका एक भाई प्रभजोत सिंह सीआरपीएफ (CRPF) में जवान के तौर पर देश की सेवा कर रहा है, वहीं अमृत डालम ने अपराध का रास्ता चुना। उसका दूसरा भाई अमनजोत सिंह उर्फ अम्मू भी पुलिस रिकॉर्ड में बुरे आचरण वाला दर्ज है। अमृत डालम जग्गू भगवानपुरिया गैंग के नेटवर्क में तेजी से आगे बढ़ा और 7 हत्याओं के मामलों सहित रंगदारी, नशीले पदार्थों व हथियारों की तस्करी तथा पुलिस टीम पर हमले जैसे कई संगीन अपराधों में नामजद हुआ। उसकी आपराधिक गतिविधियों की शुरुआत 2019 में थाना कोटली सूरत मल्ली में हत्या (धारा 302), हत्या के प्रयास, साजिश और आर्म्स एक्ट के तहत दर्ज पहली एफआईआर से हुई थी। उसके खिलाफ आईपीसी (IPC), भारतीय न्याय संहिता (BNS), एनडीपीएस (NDPS) एक्ट, आर्म्स एक्ट, विस्फोटक पदार्थ अधिनियम और यूएपीए (UAPA) की गंभीर धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। बटाला, गुरदासपुर, होशियारपुर और अमृतसर में उसके खिलाफ कई केस दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार सितंबर 2025 में अमृतसर के छेहरटा, अक्टूबर 2025 में सिटी बटाला और नवंबर 2025 में सिविल लाइंस बटाला में बीएनएस की धारा 103 (हत्या) के तहत मामले दर्ज किए गए थे। इसके अलावा गुरदासपुर के कलानौर में गैंगवार से जुड़े हत्या के प्रयास के कई मामले दर्ज हैं, जबकि सबसे ताजा मामला दिसंबर 2025 में लुधियाना के डिवीजन नंबर 7 थाने में दर्ज किया गया था। इंटरपोल द्वारा रेड कॉर्नर नोटिस जारी होने के बाद 5 फीट 9 इंच लंबे अमृत डालम ने फर्जी पहचान पत्र के आधार पर पासपोर्ट बनवाकर विदेश भागने में कामयाबी हासिल की थी। उसने हरियाणा के कुरुक्षेत्र (वार्ड-20, गुरुदेव नगर) के निवासी गुरपाल सिंह के नाम से फर्जी पहचान बनाई हुई थी। मोल्दोवा में लोकेशन ट्रैक होने के बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे भारत लाया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अमृत डालम का प्रत्यर्पण जग्गू भगवानपुरिया गैंगस्टर नेटवर्क को ध्वस्त करने में पंजाब पुलिस के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण सफलता है।

Posted By: Daily Suraj Bureau

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