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कोट इसे खां में पंथिक सम्मेलन: सांसद सरबजीत सिंह और तरसेम सिंह ने सरकारों पर साधा तीखा निशाना

02 Oct, 2026 11:14 AM

धर्मकोट के अंतर्गत आने वाले कोट इसे खां में एक विशाल पंथिक समागम का आयोजन किया गया, जिसमें अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह, सांसद सरबजीत सिंह खालसा और विधायक मनप्रीत सिंह इयाली समेत कई प्रमुख नेता शामिल हुए। इस दौरान वक्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकारों पर जमकर निशाना साधा और आगामी राजनीतिक रणनीतियों पर खुलकर बात की। समारोह को संबोधित करते हुए अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह ने आरोप लगाया कि भारत का चुनाव आयोग उनकी पार्टी को मान्यता देने में अनावश्यक देरी कर रहा है। इसके बावजूद उन्होंने स्पष्ट किया कि ‘अकाली दल वारिस पंजाब’ को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने से दुनिया की कोई ताकत नहीं रोक सकती। उन्होंने कहा कि संसाधनों की कमी और चुनौतियों के बावजूद जनता के भारी समर्थन से पंजाब में पंथिक सरकार का गठन होना तय है। तरसेम सिंह ने बंदी सिंहों का मुद्दा उठाते हुए कहा कि अपनी सजा पूरी कर चुके कैदियों को रिहा न करके भारतीय हुकूमत सिखों के मन में अलगाव की भावना पैदा कर रही है। कार्यक्रम में पहुंचे लोकसभा सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने पुरानी सरकारों पर सवाल उठाते हुए कहा कि जनता पहले ही तमाम राजनीतिक दलों को परख चुकी है। उन्होंने मौजूदा ‘आप’ सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार ने सिखों से नशा खत्म करने और गुरु ग्रंथ साहिब की बेअदबी के दोषियों को सजा दिलाने का वादा किया था, लेकिन यह दोनों मामले अब तक अधूरे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बादल अकाली दल ने ही पंजाब में नशे की संस्कृति को जन्म दिया था। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में पंजाब के लोगों के सहयोग से राज्य की बागडोर उसके असली वारिसों के हाथ में होगी। विधायक मनप्रीत सिंह इयाली ने अपने संबोधन में कहा कि पार्टी का मुख्य उद्देश्य पंजाब में आपसी भाईचारे और साझ को मजबूत करना है। उन्होंने घोषणा की कि आने वाले दिनों में हिंदू समुदाय के प्रमुख चेहरे भी पार्टी में शामिल होंगे। उन्होंने मौजूदा मुख्यमंत्री और मंत्रियों पर निशाना साधते हुए कहा कि राज्य की जवानी नशे की गिरफ्त में है, लेकिन सरकार के नुमाइंदे जनता को गुमराह कर रहे हैं। पार्लियामेंट्री बोर्ड के सदस्य सुखविंदर सिंह अवां ने कहा कि अमृतपाल सिंह की सरकारों से कोई व्यक्तिगत लड़ाई नहीं है, बल्कि उनके सिख धर्म के प्रचार-प्रसार से डरकर सरकारों ने उन्हें पिछले साढ़े तीन साल से जेल में कैद कर रखा है। इस अवसर पर भाई साहिब सिंह और उनके तमाम साथियों को औपचारिक रूप से पार्टी में शामिल किया गया। इस पंथिक समागम में जसकरल सिंह काहन सिंह वाला, जिला प्रधान करमजीत सिंह रसूलपुर, संदीप सिंह मौजगढ़ और बचित्र सिंह खालसा सहित भारी संख्या में हलके के गणमान्य लोग और पार्टी कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

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