लंदन में खालसा जत्था गुरुद्वारा पहुंचे जत्थेदार गर्गज्ज, बोले— "गुरबानी और सिख इतिहास से जुड़ी AI चुनौतियों से निपटने के लिए एकजुटता जरूरी"
श्री अकाल तख्त साहिਬ के जत्थेदार सिंह साहिब ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने लंदन स्थित ऐतिहासिक 'खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स गुरुद्वारा साहिब' में प्रबंधक कमेटी द्वारा आयोजित गुरमत समागम में शिरकत की। इस दौरान गुरुद्वारा प्रबंधकों और स्थानीय सिखों ने जत्थेदार साहिब के साथ गुरुद्वारा साहिब की लाइब्रेरी में पंजाब से यूके में पढ़ाई के लिए आने वाले युवाओं, विशेषकर बेटियों से जुड़ी समस्याओं और अहम मुद्दों पर गंभीर चर्चा की। जत्थेदार गर्गज्ज ने आश्वासन दिया कि सिख धर्म के प्रचार-प्रसार और कौमी मामलों को लेकर श्री अकाल तख्त साहिब से हर संभव मार्गदर्शन और सहयोग प्रदान किया जाएगा। AI से गुरबानी और सिख इतिहास के गलत प्रस्तुतीकरण पर चिंता समागम के दौरान आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित चैटबॉट्स के बढ़ते उपयोग और उससे उत्पन्न चुनौतियों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गर्गज्ज ने कहा कि AI के माध्यम से गुरबानी, सिख इतिहास और मर्यादा के बारे में फैल रही भ्रामक जानकारियों व मनगढ़ंत पंक्तियों को गुरबानी के रूप में पेश किए जाने की समस्या बेहद गंभीर है। उन्होंने कहा कि सिख सिद्धांतों और मर्यादा की रक्षा के लिए वैश्विक स्तर की AI कंपनियों से संपर्क साधकर एक संगठित दृष्टिकोण अपनाने की जरूरत है। चैटबॉट्स पर अंधाधुंध निर्भरता से बढ़ रहा है भ्रम इस मौके पर 'यूनाइटेड सिखों' संस्था के संचार व पैरवी निदेशक तथा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) की AI सब-कमेटी के सदस्य सरदार हरमीत शाह सिंह ने AI की समस्याओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि लोग गुरबानी की पंक्तियों, अर्थों और संदर्भों के लिए तेजी से AI चैटबॉट्स पर निर्भर हो रहे हैं। कई बार ये चैटबॉट्स गलत या मनगढ़ंत पंक्तियां पेश कर देते हैं, जिन्हें उपयोगकर्ता बिना किसी प्रामाणिक स्रोत से जांचे सोशल मीडिया पर साझा कर देते हैं। अकाल तख्त साहिब की देखरेख में तैयार होंगे प्रामाणिक डिजिटल संसाधन जत्थेदार गर्गज्ज ने सिख विद्वानों, तकनीकी विशेषज्ञों और संस्थाओं को एकजुट होकर टेक कंपनियों से समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में सिखों के अपने केंद्रीय, प्रामाणिक और आधिकारिक AI व डिजिटल संसाधन श्री अकाल तख्त साहिब की देखरेख में विकसित किए जाएंगे। सिखों द्वारा बनाए जाने वाले किसी भी AI प्लेटफॉर्म या एप्लीकेशन की मंजूरी श्री अकाल तख्त साहिब से लेना अनिवार्य होगा। उन्होंने संगत से अपील की कि वे केवल AI तकनीक पर निर्भर रहने के बजाय मूल श्री गुरु ग्रंथ साहिब, पोथियों और सिख साहित्य से गुरबानी का अध्ययन करें। ऐतिहासिक गुरुद्वारे में जत्थेदार साहिब का हुआ सम्मान खालसा जत्था ब्रिटिश आइल्स के अध्यक्ष सरदार गुरप्रीत सिंह आनंद ने गुरुद्वारे के इतिहास के बारे में बताते हुए कहा कि संत तेजा सिंह, भाई काहन सिंह नाभा और अमर शहीद भाई ऊधम सिंह जैसी महान शख्सियतें इस स्थान से जुड़ी रही हैं। कार्यक्रम के समापन पर अध्यक्ष सरदार गुरप्रीत सिंह आनंद और उपाध्यक्ष बीबी गुरविंदर कौर रंधावा ने जत्थेदार गर्गज्ज को सिरोपाओ, ऐतिहासिक पुस्तक और एक स्मरणीय सिक्का भेंट कर सम्मानित किया।