Daily Suraj

हिन्दी

कोटकपूरा-बहिबल कलां गोलीकांड की लंबित जांच पर पुलिस ने दाखिल की स्टेटस रिपोर्ट

10 Aug, 2026 11:16 AM

पंजाब पुलिस ने कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड से जुड़े मामलों में लंबित जांच को लेकर चंडीगढ़ की अदालत में बंद लिफाफे में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की है। यह कार्रवाई हाई कोर्ट के निर्देशों के तहत चल रही सुनवाई के दौरान की गई है। चंडीगढ़ सेशन कोर्ट में स्थानांतरित हुए मामले कोटकपूरा में गोलीबारी और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से जुड़े बेअदबी मामलों के मुकदमे अप्रैल 2026 में पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के निर्देश पर चंडीगढ़ की सेशन कोर्ट में स्थानांतरित किए गए थे। इन मामलों की पिछली सुनवाई 18 जुलाई को हुई थी। उस दौरान अदालत ने सरकारी वकील को अगली सुनवाई पर लंबित जांच के संबंध में स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के निर्देश दिए थे। अदालत के आदेशों का पालन करते हुए सरकारी वकील ने 1 अगस्त 2026 को कोटकपूरा और बहिबल कलां गोलीकांड से संबंधित लंबित जांच पर स्टेटस रिपोर्ट दाखिल की। अदालत ने कहा कि रिपोर्ट वाले बंद लिफाफे उसके समक्ष पेश किए गए हैं। अदालत ने रिपोर्ट को सुरक्षित रखने का आदेश दिया अदालत में मौजूद राज्य के अतिरिक्त लोक अभियोजक ने अनुरोध किया कि मामले की परिस्थितियों को देखते हुए रिपोर्टों की समीक्षा के बाद उन्हें बंद लिफाफे में ही सुरक्षित रखा जाए। अदालत ने बताया कि रिपोर्टों को खोलकर देखा जा चुका है और इसके बाद उन्हें बंद लिफाफे में सुरक्षित हिरासत में रखने का निर्देश दिया गया। 2015 की घटनाओं से जुड़ा है मामला कोटकपूरा गोलीकांड 14 अक्टूबर 2015 को हुआ था। यह घटना जून और सितंबर 2015 में बरगाड़ी तथा बुर्ज जवाहर सिंह वाला गांवों के गुरुद्वारों में बेअदबी की घटनाओं के बाद हुई थी। बेअदबी की घटनाओं के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस द्वारा कथित रूप से गोलीबारी की गई थी। बहिबल कलां में इसी दौरान हुई गोलीबारी में दो लोगों की मौत हुई थी, जबकि कोटकपूरा की घटना में कई लोग घायल हुए थे। कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और सुखबीर बादल आरोपी मामले में पूर्व डीजीपी सुमेध सिंह सैनी, परमराज सिंह उमरानंगल, चरणजीत सिंह शर्मा, अमर सिंह चहल और सुखमिंदर सिंह मान समेत कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारी आरोपी हैं। पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखबीर सिंह बादल भी कोटकपूरा गोलीकांड मामले में आरोपियों में शामिल हैं। अदालत में लंबित जांच से संबंधित स्टेटस रिपोर्ट दाखिल होने के बाद अब मामले की आगे की न्यायिक कार्यवाही अदालत के निर्देशों के अनुसार जारी रहेगी।

Posted By: Daily Suraj Bureau

Latest News