पायलट की गलती नहीं, सिस्टम फेलियर था कारण: एयर इंडिया दुर्घटना पर नई थ्योरी
जून 2025 में हुए एयर इंडिया विमान हादसे को लेकर एक नया दावा सामने आया है। फेडरेशन ऑफ इंडियन पायलट्स (FIP) ने कहा है कि इस दुर्घटना के पीछे पायलट की गलती नहीं, बल्कि विमान की तकनीकी खराबी जिम्मेदार हो सकती है। FIP के अनुसार, उड़ान भरने से पहले लिथियम-आयन बैटरी में खराबी, असामान्य वोल्टेज और बोइंग 787 ड्रीमलाइनर के इलेक्ट्रिकल डिजाइन में खामियों के कारण बिना पायलट के हस्तक्षेप के ही दोनों इंजनों की फ्यूल सप्लाई बंद हो सकती थी। संस्था ने यह जानकारी नागरिक उड्डयन मंत्रालय और एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) को सौंपे गए एक तकनीकी नोट में दी है। इसमें कहा गया है कि इलेक्ट्रिकल गड़बड़ी के चलते रिले सिस्टम ने गलत तरीके से काम किया हो सकता है। यह दावा उन शुरुआती रिपोर्टों को चुनौती देता है, जिनमें हादसे के लिए पायलट की गलती को जिम्मेदार बताया गया था। FIP के अध्यक्ष सी.एस. रंधावा ने बताया कि जब रैम एयर टर्बाइन (RAT) सक्रिय होती है, तो साझा बिजली मार्ग में वोल्टेज के उलटने से इंजन के स्विच अपने आप ‘RUN’ से ‘CUTOFF’ मोड में जा सकते हैं। उन्होंने कहा कि उपलब्ध साक्ष्यों से संकेत मिलता है कि टेक-ऑफ के दौरान ही तकनीकी खराबी के संकेत मिल चुके थे। संस्था ने सरकार से इस सिद्धांत की स्वतंत्र जांच कराने की अपील की है। इसके लिए IIT बॉम्बे या हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (HAL) जैसी विशेषज्ञ संस्थाओं की मदद लेने और सिमुलेटर के जरिए इसकी पुष्टि करने का सुझाव दिया गया है। गौरतलब है कि यह हादसा 12 जून 2025 को हुआ था, जिसमें 260 लोगों की जान चली गई थी। अब इस नई थ्योरी के बाद जांच का फोकस विमान के इलेक्ट्रिकल सिस्टम और डिजाइन संबंधी कमियों पर केंद्रित हो गया है।
Posted By: Daily Suraj Bureau