कनाडा में द्वितीय विश्व युद्ध के दौर का रहस्यमयी ड्रम बरामद, एंथ्रेक्स बम प्रोजेक्ट से जुड़ रहे तार
कनाडा के क्यूबेक प्रांत में 'यू.एस. आर्मी' (US Army) लिखा हुआ एक रहस्यमयी ड्रम मिलने से हड़कंप मच गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने इसके भीतर किसी जानलेवा या जहरीले पदार्थ के मौजूद होने की आशंका जताई है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ड्रम के अंदर मौजूद पदार्थ के नमूने लेकर जांच के लिए अल्बर्टा स्थित एक विशेष सैन्य प्रयोगशाला (Military Laboratory) भेजे गए हैं। जांच के नतीजे अगले सप्ताह तक आने की संभावना है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, यह संदिग्ध ड्रम सेंट लॉरेंस नदी में स्थित ग्रेस-इल (Grosse-Île) द्वीप पर एक स्थानीय नागरिक को दिखाई दिया था। ड्रम पर अंकित तारीखों के आधार पर यह अनुमान लगाया जा रहा है कि यह द्वितीय विश्व युद्ध (World War II) के समय का हो सकता है। इस घटना के बाद द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान चलाए गए एक गुप्त सैन्य प्रोजेक्ट को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं। शोधकर्ताओं के अनुसार, वर्ष 1942 से 1944 के बीच कनाडा, ब्रिटेन और अमरीका के वैज्ञानिकों ने मिलकर 'एंथ्रेक्स बम' बनाने के एक अति-संवेदनशील प्रोजेक्ट पर काम किया था। हालांकि, कनाडाई अधिकारियों का कहना है कि मिले हुए ड्रम का इस गुप्त प्रोजेक्ट से कोई प्रत्यक्ष संबंध है या नहीं, यह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। घटना के सामने आने के तुरंत बाद क्यूबेक पुलिस ने संबंधित इलाके की घेराबंदी कर 24 घंटे की कड़ी निगरानी शुरू कर दी है। ड्रम को पूरी सुरक्षा के साथ पास के एक सुरक्षित स्थान पर पहुंचा दिया गया है। कनाडाई सेना के एक पूर्व अधिकारी ने चेतावनी दी है कि यदि इस ड्रम के भीतर कोई तंत्रिका-विष (Neurotoxin) या जहरीला रसायन मौजूद हुआ, तो यह मानव जीवन के लिए बेहद घातक साबित हो सकता है। फिलहाल, प्रशासनिक अधिकारियों ने पदार्थ की सटीक पहचान को लेकर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की है और सभी को लैब रिपोर्ट का इंतजार है।